मंगलवार को रामराज इंटर कालेज में पं. रामराज शुक्ल की जन्म शताब्दी समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने ‘उदारमना पं. रामराज शुक्ल’ ग्रन्थ तथा ‘जनपद का भूगोल’ नामक पुस्तकों का विमोचन किया। आयोजक श्याम किशोर शुक्ल ने कहा कि उनके पिता का व्यक्तित्व विशाल था। विद्यालय के प्रधानाचार्य संगमलाल शुक्ल ने स्वागत भाषण के साथ विद्यालय के इतिहास व विकास की चर्चा की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्याम शंकर शुक्ल ‘श्याम’ ने किया। कार्यक्रम की शुरूआत में सांसद निधि से बने एक कक्ष का लोकार्पण सांसद प्रमोद तिवारी व पूर्व सांसद रत्ना सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर रामलवट यादव, ओम प्रकाश पांडेय, कपिल द्विवेदी, नीरज तिवारी, रमेशचंद्र मिश्र, निशाकांत ओझा, मोहम्मद इसहाक, जिलाध्यक्ष नरसिंह मिश्र, मेजर राजदेव मिश्र, भगवान दास मिश्र, कैप्टन विद्याधर मिश्र, डा. लक्ष्मी नारायण पांडेय सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
पं. रामराज शुक्ल के जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर पुस्तक के संपादक मंडल में शामिल पूर्व प्राचार्य डा. गिरीश चंद्र शुक्ल, प्रधानाचार्य श्याम शंकर मिश्र, डा. आरके मिश्र, डा. श्याम शंकर शुक्ल को अंगवस्त्रम तथा प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा विशिष्ट नागरिक के रूप में कृपा शंकर ओझा, देवी शंकर पांडेय, हीराचंद्र मिश्र व श्याम नारायण तिवारी को भी अंगवस्त्रम प्रदान किए गए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह के दौरान श्रोताओं को हिलने नहीं दिया। इस दौरान सरस्वती वंदना, स्वागत गीत तथा मथुरा वृदांवन से आए कलाकारों ने शिव तांडव, राधा- कृष्ण की रासलीला, कृष्ण के सुदामा द्वार पहुंचने जैसे धार्मिक प्रसंगों पर नृत्य नाटिकाओं को जोरदार मंचन किया। इन कार्यक्रमों के चलते देर शाम तक दर्शक कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे।
पं. रामराज शुक्ल के जन्म शताब्दी समारोह में बतौर दर्शक आए नगर के एक वृद्ध जवाहरलाल जायसवाल की हार्ट अटैक से पंडाल में ही मौत हो गई। इससे कार्यक्रम रोकना पड़ा। इस दौरान पुलिस वालों के साथ परिजन शव लेकर घर गए। कार्यक्रम के समापन के पश्चात राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और पूर्व सांसद रत्ना सिंह उनके दरवाजे शोक संवदेना जताने भी पहुंचे।