रोजेदार अल्लाह की इबादत में समय गुजार रहे हैं। रोजेदारों को गरीबों और मजबूरों का ध्यान रखने को कहा गया है। रोजे के एहतराम करने के साथ ही जरूरतमंदों की मदद का ध्यान रखा जा रहा है। इसके साथ ही बाजारों में ईद की खरीदारी ने जोर पकड़ लिया है। इस बार रमजान के अलविदा की नमाज आठ और 15 जून को अदा की जाएगी।
वैसे तो अलविदा की नमाज को लेकर संशय चला आ रहा था लेकिन बृहस्पतिवार को तमाम आशंकाओं पर विराम लग गया। देवबंदी मरकज को मानने वाले लोग आठ जून को जुमा ए अलविदा की नमाज अदा करेंगे और दूसरे मरकज को मानने वाले लोग 15 जून को अलविदा की नमाज अदा करेंगे।
अलविदा की नमाज के सिलसिले में मौलाना ताजदार अहमद ने बताया कि आठ जून को अलविदा की नमाज अदा की जाएगी। मुफ्ती जमीलुर्रहमान कासमी ने बताया कि अलविदा की नमाज कोई अलग से नहीं होती। रमजान के आखिरी जुमे को ही अलविदा माना जाता है।
ईद के चांद के ऊपर ईद की नमाज होना निर्भर होता है। आठ जून को नमाज हर बार की तरह अदा होगी। यदि बृहस्पतिवार को चांद दिखता है तो इसे आखिरी जुमा माना जाएगा। अन्यथा 15 जून को आखिरी जुमा रहेगा। दूसरी ओर गुलशने मदीना के प्रबंधक मौलाना मेराज अहमद का कहना है कि वे लोग 15 जून को अलविदा की नमाज अदा करेंगे।