बेल्हा का ऐतिहासिक भरत-मिलाप सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सकुशल संपन्न हो गया। भोर में शहर के चौक घंटाघर पर राम, भरत, लक्ष्मण, और शत्रुघ्न के गले मिलते ही पुष्पवर्षा के साथ जयकारे गूंज उठे। चारों भाइयों का मिलन और प्रेम देखकर हजारों लोगों की आंखें भर आईं। चौक घंटाघर पर उमड़े जनसैलाब ने तालियों की करतल ध्वनि से इस मिलन का स्वागत किया।
हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ इस ऐतिहासिक मिलन की साक्षी बनी। कलात्मक झांकियों और विद्युत मंडलों को देखने के लिए लोग हर्ष और उत्साह से लबरेज दिखे। रंग-बिरंगी लाइटों और झालरों की चकाचौंध के बीच लोगों ने रातभर मेले का आनंद लिया। डीजे पर युवा थिरकते रहे। मेले में हर तरफ हर्ष और उल्लास का माहौल था। वैसे तो रविवार की शाम से ही भरत मिलाप अपनी ऊंचाई को छूने लगा था। आधी रात के बाद मेला अपनी बुलंदी पर पहुंचा। आकर्षक चौकियों, दलों और आभा बिखेरते हुए विद्युत मंडल जब सड़कों पर निकले तो पूरा शहर थम सा गया। मेले में चल रही कलात्मक चौकियों के प्रदर्शन को देखने के लिए हर कोई आतुर दिखा।
रात बढ़ने के साथ ही भीड़ भी बढ़ती गई। हजारों की संख्या में आईं महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने मेले का आनंद लिया। डीजे की मस्ती और रंग-बिरंगी लाइटें भरत-मिलाप की छटा को बिखेर रही थीं। आकर्षक रोड लाइटों का साथ पाकर चौकी, दल और विद्युत मंडलों ने अपना प्रदर्शन कर तालियां बटोरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। पुलिस प्रशासन से लेकर बिजली प्रशासन तक के लोग मुस्तैद रहे। रातभर चलने के बाद सारी चौकियां, दल और मंडल सोमवार की सुबह चौक घंटाघर के पास एकत्र हो गए। अपने-अपने दलों से उतरकर राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता संग हनुमान चौक घंटाघर पर पहुंचे। यहां पर भरत का राम और लक्ष्मण के साथ शत्रुघ्र का मिलन हुआ।
भरत ने श्रीराम का राजतिलक कर अयोध्या की राजगद्दी सौंप दी। चौक घंटाघर में हजारों की संख्या में मौजूद दर्शक भरत-राम के मिलन को अपलक नजरों से निहारते रहे। भरत के राजगद्दी सौंपते ही पूरा वातावरण जयश्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। इसके पूर्व सांसद हरिवंश सिंह, विधायक सदर संगमलाल गुप्ता, पूर्व विधायक हरिप्रताप सिंह, बृजेश सौरभ, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी, दिनेश शर्मा, डीएम शंभु कुमार, एसपी देवरंजन वर्मा, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्यामशंकर सिंह, रोशनलाल उमरवैश्य, संजय झलानी समेत कई लोगों ने भगवान श्रीराम और चारों भाइयों की आरती उतारी। मिलाप के बाद श्रीराम का रथ गोपाल मंदिर पहुंचा। यहां पर राम का राज्याभिषेक हुआ। इसी के साथ दस अक्तूबर से श्रीराम लीला समिति के बैनर तले नगर में चल रही रामलीला का समापन हो गया।