सदर विधानसभा उप चुनाव में जीत के बाद खुल जीप में जुलूस के साथ घर जाते विधायक बने राजकुमार पाल।
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सदर विधानसभा सीट के उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाले भाजपा-अद के संयुक्त प्रत्याशी राजकुमार पाल ने ग्राम पंचायत के चुनाव से राजनीति में कदम रखा था। तीन बार उनकी पत्नी राजकुमारी पाल तो एक बार वह खुद पूरे केशवराय गांव के प्रधान चुने गए। पत्नी के निधन पर उनकी बेटी को गांव के लोगों ने निर्विरोध प्रधान चुना। 2011 में भाजपा की सदस्यता ली। पार्टी में सक्रियता दिखाने पर उन्हें भाजपा में जिलामंत्री भी बनाया गया।
शहर से सटे पूरे केशवराय गांव निवासी राजकुमार पाल ने राजनीति की शुरुआत ग्राम पंचायत के चुनाव से की। वर्ष 2000 में वह गांव में ग्राम प्रधान पद का चुनाव लड़े और जीत दर्ज की थी। इसके पहले महिला सीट पर उनकी पत्नी राजकुमारी पाल 1995, 2005 व 2015 में प्रधान चुनी गई थीं। वर्ष 2019 मेें उनकी पत्नी राजकुमारी पाल का बीमारी के चलते निधन हो गया। इसके बाद गांव वालों ने संवेदना दिखाई और उनकी बेटी प्रियंका पाल को निर्विरोध प्रधान चुना।
राजकुमार पाल ने वर्ष 2011 में भाजपा की सदस्यता ली। इसके बाद उन्होंने भाजपा के विभिन्न कार्यक्रमों में अपनी सक्रियता दिखाई। इसका नतीजा यह रहा कि तत्कालीन भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी ने उन्हेें वर्ष 2016 में भाजपा जिलामंत्री के पद पर मनोनीत किया। विधानसभा चुनाव 2017 व लोकसभा चुनाव 2019 में भीराजकुमार पाल ने सक्रिय भूमिका निभाई। पार्टी चुनाव में प्रचार में वह लगे रहे। इसकी रिपोर्ट भी पार्टी आलाकमान तक पहुंची।
बदलेगी सड़कों की तस्वीर, सुधरेगी कानून व्यवस्था: राजकुमार
सदर विधानसभा सीट के उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने पर जनता को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए राजकुमार पाल ने कहा कि बचे ढाई साल में क्षेत्र के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोडृूंगा। उन्होंने कहा कि बदहाल सड़कों की तस्वीर बदलेगी। खस्ताहाल सडक़ों को दुरुस्त किया जाएगा। ताकि आम जनमानस को यात्रा करने के दौरान दिक्कत न हो।
इसके अलावा मूलभूत सुविधाओं पर भी प्राथमिकता से कार्य होगा। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में सुधार के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी गांव विकास से अछूता नहीं रहेगा। सबका साथ व सबका विकास के एजेंडे पर कार्य होगा। किसी के साथ भी भेदभाव नहीं किया जाएगा।