कुंडा दीवानी न्यायालय में बयान दर्ज कराकर बाहर निकलते राजा भैया।
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लोकसभा चुनाव के दौरान प्रत्याशी रहे इंद्रजीत सरोज ने प्रचार के दौरान राजा भैया पर कई तरह के आरोप लगाए थे। इसमें खासतौर से बयान के माध्यम से दिलेरगंज कांड को लेकर मुसलमानों को एकजुट करने का प्रयास किया गया था। चुनाव के बाद इस मामले में राजा भैया ने दीवानी में परिवाद दाखिल किया। गुरुवार को उन्होंने दीवानी न्यायालय में खड़े होकर अपना बयान दर्ज कराया।
लोकसभा चुनाव के दौरान सपा प्रत्याशी इंद्रजीत सरोज ने अपने भाषणों के दौरान कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया के खिलाफ बयानबाजी की थी। इसमें उन्होंने दलेरगंज कांड का जिक्र करते हुए कहा था कि राजाभैया का स्वागत करने वाले मुसलमानों का बहिष्कार करना चाहिए। कहा था कि राजा भैया ने दलेलागंज कांड के दौरान मुसलमानों की बहन बेटियों के साथ जुल्म किया था।
इसको लेकर राजा भैया के कानूनी सलाहकार हनुमान प्रसाद पांडेय ने इंद्रजीत सरोज को कानूनी नोटिस भेजा था। इसका संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने राजाभैया की तरफ से दीवानी कुंडा में परिवाद दाखिल किया। इसमें कहा गया था कि इंद्रजीत सरोज ने राजाभैया के खिलाफ मानहानिकारक, अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए उनकी छवि को धूमिल की है।
गुरुवार को राघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने दीवानी न्यायालय में पहुंचकर एसीजेएम संजय सिंह के सामने अपना बयान दर्ज कराया। बयान में कहा कि झूठे बयान देकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गलत इस्तेमाल किया है। सार्वजनिक बयानबाजी करके छवि कथो धूमिल करने का प्रयास, मंच से भाषण की मर्यादा को तार तार किया।
कहा कि सार्वजनिक जीवन में 1993 से विधायक होने कई बार मंत्री होने के कारण उनके मान सम्मान को ठेस पहुंचाई गई है। बयान नोट करने के बाद अन्य गवाहों के लिए मुकदमे में अगली पेशी न्यायालय ने लगा दी गई है। मुकदमे की पैरवी उनके कानूनी सलाहकार पं हनुमान प्रसाद पांडेय, वैभव पांडेय, पुष्पेश पांडेय व राजदीप पांडेय ने की।