राजा भैया के समर्थन से शुरू की राजनीति
विधानसभा चुनाव में सपा से ठोंकी ताल
जेल में निरुद्ध हैं सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ
संवाद न्यूज एजेंसी
कुंडा। किसी समय हर वक्त कुंडा विधायक राजा भैया के साथ रहने वाले गुलशन यादव उस वक्त सपा के ज्यादा करीब हो गए, जब राजा भैया और सपा में तालमेल गड़बड़ा गया। इसी वजह से सपा मुखिया ने 2022 के विधान सभा चुनाव में कुंडा से उन्हें प्रत्याशी बना दिया। वह जीत तो नहीं पाए लेकिन राजा भैया की जीत का अंतर घट गया।
कुंडा के मऊदारा निवासी गुलशन यादव के छोटे भाई छविनाथ यादव समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हैं। उनके जेल जाने पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गुलशन को कार्यवाहक जिलाध्यक्ष बना दिया।
राजा भैया के समर्थन में मऊदारा से ग्राम प्रधान के चुनाव में जीत हासिल की। कुछ दिनों बाद नगर पंचायत कुंडा से चेयरमैन निर्वाचित हुए। 2017 में उनकी पत्नी सीमा यादव चेयरमैन बनीं।
इस बीच राजा भैया से गुलशन व छविनाथ के रिश्ते बिगड़ने लगे। राजा भैया की सपा से दूरी बनी तो दोनों भाई सपा मुखिया अखिलेश के बेहद करीबी बन गए।
नगर निकाय चुनाव में कुंडा सीट से गुलशन यादव की पत्नी फिर प्रत्याशी बनीं। राजा भैया ने अपनी पार्टी से भी प्रत्याशी उतारा। चुनाव में सपा प्रत्याशी सीमा को हार का सामना करना पड़ा। निकाय चुनाव के दिन ही पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ को पुराने मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
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1998 में दर्ज हुआ था पहला मुकदमा
गुलशन यादव के खिलाफ कुंडा कोतवाली में पहली बार 1998 में मुकदमा दर्ज हुआ था। तब वह कुंडा विधायक राजा भैया के करीबी हुआ करते थे। अधिकांश मुकदमों में वह राजा भैया के साथ सह अभियुक्त के रूप में कुंडा मानिकपुर में बसपा शासन काल के दौरान पंजीकृत हुए थे। अब तक गुलशन यादव के खिलाफ 33 मुकदमे कुंडा मानिकपुर थाने में दर्ज हुए हैं।
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गुलशन को प्रदेश स्तर का माफिया बताने का पत्र होता रहा वायरल
सपा के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष गुलशन यादव की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश पुलिस की ओर से एक पत्र वायरल होता रहा। जिसमे गुलशन को मानिकपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर नंबर 154 बताया जाता रहा। जिसकी गैंग संख्या डी-41 है। हालांकि कुंडा पुलिस इस बाबत कोई जानकारी देने से इन्कार करती रही।