कड़ाके की ठंड से ट्रेनों का संचालन तो प्रभावित हो ही गया है अब रेलवे के खजाने को भी चूना लग रहा है। ट्रेनों की लेटलतीफी के चलते यात्री अपना टिकट वापस कर रहे हैं। ऐसे में रेलवे की आमदनी भी प्रभावित होने लगी है।
दिसंबर माह के पहले सप्ताह से शुरू कोहरे का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोहरे के असर से ट्रेनें लेट हो रही हैं तो ठंड से लोग यात्रा का निरस्त कर दे रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, पंजाब, हाबड़ा जाने वाले ट्रेनों के विलंब और निरस्त होने के चलते टिकट वापस कर रहे हैं। अफसरों की मानें तो हर दिन कम से कम बीस हजार रुपये के अनारक्षित और तीस हजार से अधिक के आरक्षित टिकटों की वापसी हो रही है। सीआरएस भाईलाल रजक का कहना है कि ट्रेनें निरस्त और लेट होने की वजह से आरक्षित और अनारक्षित टिकट वापस कर रहे हैं।
कोहरे और ठंड के चलते अनिश्चित चल रही वन एएफ, टू एएफ और प्रयाग से लखनऊ जाने वाली पीआरएल को रेल प्रशासन ने निरस्त कर दिया। जबकि सरयू एक्सप्रेस आठ, जनता एक्सप्रेस एक घंटा विलंब से चलने की सूचना स्टेशन पर रही। ट्रेनों के निरस्त और लेट होने से दैनिक यात्रियों के साथ ही दूरदराज का सफर करने वाले यात्रियों को भी खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।