भदोही जिले में मानवरहित रेलवे क्रासिंग से गुजर रही स्कूली वैन में सवार दस बच्चों की ट्रेन हादसे में दर्दनाक मौत ने लोगों को हिला दिया है। इस हृदयविदारक घटना से यहां के लोगों को भी सबक लेना होगा। यहां भी ऐसे फाटक हैं जहां जरा सी चूक होने पर जान से हाथ धो बैठेंगे। प्रतापगढ़-जंघई के बीच पांच (पोल नंबर 61,65,73,74 व 75) मानव विहीन रेलवे क्रासिंग हैं। इलाहाबाद-फैजाबाद रूट पर प्रतापगढ़ खंड पर दो क्रासिंग हैं। इन क्रासिंग के इर्द-गिर्द सैकड़ों गांव हैं। जिसमें हजारों की संख्या में लोग रहते हैं। चूंकि जब रेलवे लाइन बनी थी उस समय आबादी इतनी नहीं थी। वर्तमान में रेलवे लाइन के दोनों साइड सैकड़ों गांव बस गए हैं। लखनऊ-वाराणसी रेलखंड पर जंघई-प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन के बीच छह और प्रयाग-सुल्तानपुर रेलखंड पर प्रतापगढ़ सीमा के अंदर दो मानव विहीन रेलवे क्रासिंग हैं, जहां पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। दांदूपुर, सुवंसा, गौरा, बादशाहपुर, खुंडौर रेलवे स्टेशन के आसपास के ग्रामीणों को रेलवे क्रासिंग से रास्ता तो मिल गया, मगर वहां के लोग अभी भीगेटमैन की तैनाती का इंतजार कर रहे हैं।