जनपद कारागार में शनिवार दोपहर अचानक जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक के साथ भारी भरकम पुलिस लेकर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान जेल में हड़कंप मच गया। करीब डेढ़ घंटे तक चली कार्रवाई में दो मोबाइल, 13 हजार रुपये व खाने की सामग्री बरामद हुई है। इससे खफा जिलाधिकारी ने जेल प्रशासन के लापरवाही की रिपोर्ट शासन को भेजी है। जेल अधीक्षक ने भी कार्रवाई के लिए कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।
जिलाधिकारी डा. आदर्श सिंह, पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद वर्मा, सीआरओ रामसिंह वर्मा, एसडीएम सदर शशिभूषण राय भारी पुलिस बल के साथ जिला कारागार में छापामारी करने पहुंचे। जेल गेट पर अफसरों के पहुंचते ही हड़कंप मच गया। गेट खुलवाकर बंदियों की तलाशी ली जाने लगी। बैरकों में पुलिसकर्मी तलाशी लेने लगे। जहां जेल में वर्जित खाने-पीने की सामग्री, गुटखा, सिगरेट, बीड़ी बरामद हुई। करीब डेढ़ घंटे की कार्रवाई के दौरान दौ सौ से अधिक बंदियों के पास 13 हजार 144 रुपये बरामद हुए। सूत्रों की मानें तो बैरक नंबर पांच व सात में दो मोबाइल मिले। रुपये और मोबाइल अधिकारियोें ने अपने कब्जे में ले लिया। डीएम ने जेल अधीक्षक व जेलर को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि जेल में निरुद्ध बंदी मनमानी कर रहे हैं। उन्हें प्रतिबंधित सुविधाएं जेलकर्मी ही पहुंचा रहे हैं।
बंदियों से सांठगांठ करने वाले बंदीरक्षकों को चिह्नित कर सूची उपलब्ध कराया जाए। ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। छानबीन के बाद अफसर जेल से बाहर निकले तो सभी ने राहत की सांस ली। इधर बरामद रुपये व मोबाइल को सील करने के बाद जेल अधीक्षक ने उसे कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। जेल अधीक्षक की तहरीर पर मोबाइल से बात करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शिकंजा कसेगा। जिलाधिकारी ने जेल प्रशासन की लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि जेल मैनुअल व प्रिजन अधिनियमों का खुला उल्लंघन कारागार में हो रहा है। इसमे जेल के अधिकारियों व कर्मचारियों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। सभी ने अपने दायित्वों के प्रति पूरी तरह से उदासीनता बरती है।