कोहड़ौर पुलिस की लापरवाही से 23 दिन पहले घर से गायब तीरथराज कंकाल बन गया। उसकी गुमशुदगी दर्ज करने वाली पुलिस परिवारवालों की खोजबीन पर ही निर्भर रही। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए उठाया, लेकिन बाद में छोड़ दिया।
ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस क्यों लापरवाह बनी रही। गायब तीरथराज की तलाश करने के साथ पुलिस ने गहराई से मामले की छानबीन क्यों नहीं की। मृतक के ससुर भी कोहड़ौर पुलिस के रवैए से खासे खिन्न हैं।
उधर, पुलिस का दावा है कि परिवार के लोग जिस व्यक्ति पर संदेह जता रहे हैं उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। इधर, कंकाल का पोस्टमार्टम करने के बाद परिजनों ने उसे सई नदी के किनारे दफना दिया।
कोहड़ौर थाना क्षेत्र के रामापुर विजरा निवासी तीरथराज सिंह चंडीगढ़ में काम करता था। कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन में करीब दो माह वह घर आया था। 2 जुलाई की शाम वह घर से गांव के बाहर गया था, देर रात तक वह नहीं लौटा।
काफी खोजबीन के बाद भी उसका सुराग नहीं लगा। परिजनों ने 4 जुलाई को थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई। उसकी पत्नी ने गांव के कुछ लोगों पर गायब करने की शंका जताई थी। इस पर पुलिस ने कुछ लोगों को थाने लाकर पूछताछ की, लेकिन बाद में छोड़ दिया। शुक्रवार को तीरथराज का भाई कमलेश सिंह परैया नदी शमशान घाट के करीब मछली पकड़ने गया था। इस दौरान उसने नदी में एक कंकाल देखा। शोर मचते ही गांव के लोग आ गए। तीरथराज की पत्नी पूजा व मां भी नदी के किनारे पहुंच गईं।
कंकाल में फंसी मिली बनियान व अंडरवियर से उसकी पहचान की। दो जुलाई को वह उन्हीं कपड़ों में घर से निकला था। पहचान के बाद सनसनी फैल गई। शनिवार को कंकाल का पोस्टमार्टम करने के बाद सई नदी के किनारे दफना दिया गया। परिजन तीरथराज की हत्या की आशंका जता रहे हैं। जिस पर शंका जताई जा रही है, वह घर से फरार है। पुलिस उसके रिश्तेदार को उठा लाई है।
मृतक के ससुर सदाशिव का आरोप है कि कोहड़ौर पुलिस ने उसके दामाद की खोजबीन की होती तो शायद उसकी जान बच जाती। पुलिस की लापरवाही से तीरथराज की जान गई है। पुलिस अधीक्षक को जो शिकायती पत्र भेजा गया अभी तक उसका कोई जवाब नहीं मिला। पत्नी पूजा भी पुलिस को ही जिम्मेदार ठहरा रही है। उसका कहना है कि यदि पुलिस ने थोड़ी भी गंभीरता से प्रकरण की छानबीन की होती तो हाथ लगा आरोपी असलियत बता देता। उसके पति की लाश कंकाल में न तब्दील होती। कोहड़ौर थानाध्यक्ष का कहना है कि परिवार के लोग जिस पर शंका जता रहे हैं, वह घर से भागा हुआ है। उसके करीबियों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
अब मोबाइल की काल डिटेल खंगालेगी पुलिस
कोहड़ौर के परैया नदी में तीरथराज का कंकाल मिलने के बाद पुलिस अब तेजी दिखा रही है। गुमशुदगी दर्ज करने के बाद मौन धारण करने वाली पुलिस ने अचानक मृतक व उसके परिवार के लोगों का मोबाइल नंबर जुटाना शुरू कर दिया है। मोबाइल नंबर की काल डिटेल खंगालकर गहराई से छानबीन की तैयारी चल रही है। फिलहाल यदि इतनी ही तेजी गुमशुदगी के बाद पुलिस ने दिखाई होती तो शायद तीरथराज का कंकाल न मिलता।
गांव में लोगों ने साध रखी है चुप्पी
कोहड़ौर के विजरा निवासी तीरथराज के गायब होने के बाद भी कोई कुछ बताने को तैयार नहीं था। अब कंकाल मिलने के बाद भी लोगों ने चुप्पी साध रखी है। हालांकि गांव में चर्चा है कि तीरथराज की मौत के पीछे करीबी का ही हाथ है।
अभी यह तय नहीं हो सका है कि कंकाल तीरथराज का ही है। परिवार के लोगों का नमूना लेकर डीएनए जांच के लिए भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। जिस पर परिवार के लोगों को संदेह है, उसकी खोजबीन की जा रही है।
अभय पांडेय, सीओ सिटी
छात्रा से फोन पर कर रहे अश्लील बातें
छात्रा के मोबाइल पर फोन कर दो युवक अश्लील बातें कर रहे हैं। युवकों की हरकत से पूरा परिवार सहमा हुआ है। उलाहना देने के दौरान छात्रा की मां को मारापीटा। नगर कोतवाली की रहने वाली एक छात्रा का आरोप है कि पड़ोस के रहने वाले दो युवक उसे अक्सर छेड़ते हैं। कालेज आने जाने के दौरान पीछा भी करते हैं। कुछ दिनों पहले उसके मोबाइल पर फोन कर अश्लील बातें करते रहे। जिसका उलाहना देने के लिए उसकी मां आरोपियों के घर गई। जहां उन लोगों ने उसे तमंचा सटाकर मारापीटा। उनकी हरकतों से पूरे गांव के लोग भयभीत रहते हैं। नगर कोतवाल ने बताया कि छात्रा ने जो तहरीर दी है, उसकी छानबीन की जा रही है। मोबाइल की काल डिटेल भी निकाली जा रही है।
किशोरी बरामद, आरोपी नहीं लगे हाथ
शहर के महुली से गायब किशोरी को पुलिस ने बरामद कर लिया। जबकि एक भी आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगे। किशोरी के परिजनों का आरोप है कि कुछ सत्ता दल के नेताओं के दबाव में पुलिस काम कर रही है। किशोरी से परिवार के लोगों को मिलने नहीं दिया जा रहा है। चिलबिला के नेता आरोपियों को बचाने में लगे हुए हैं। नगर कोतवाली में भी मामले को लेकर बड़ी संख्या में लोगों का जमघट था। नगर कोतवाल ने बताया कि किशोरी मिल गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। किशोरी का मेडिकल कराया जाएगा। अब वह अपने माता पिता के साथ नहीं जाना चाहती तो पुलिस क्या कर सकती है।
प्रधानपति पर हुआ जानलेवा हमला
जेठवारा। घर लौटते समय प्रधानपति पर कुछ लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। जेठवारा थाना क्षेत्र के सराय आनादेव के प्रधानपति अजय सिंह का आरोप है कि शनिवार की रात वह गांव में आयोजित सुंदरकांड में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे। रास्ते में कुछ लोगों ने उस पर फायर कर दिया। हालांकि वह भागने में सफल रहा। प्रधानपति अजय सिंह ने तीन लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। जेठवारा थानाध्यक्ष ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच कराकर कार्रवाई होगी।