प्रतापगढ़। शहर के यातायात की बदहाल व्यवस्था ‘अमर उजाला’ द्वारा सामने लाने पर डीएम अमृत त्रिपाठी ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मनमानी पार्किंग, सड़क पर अवैध कब्जे और आवागमन का कोई नियम न होने पर उन्हाेंने ट्रैफिक विभाग के अधिकारियाें को जमकर फटकार लगाई। अत्यधिक भीड़ वाले इलाके में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया और अन्य सड़कों पर भी वनवे व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया।
डीएम के निर्देश के बाद ट्रैफिक एसआई रवींद्र यादव ने चौक-राजापाल चौराहा और पंजाबी मार्केट जाने वालों के लिए नई व्यवस्था लागू की है। नए निर्देश के अनुसार चौक की ओर से कोई भी प्राइवेट या कामर्शियल चार पहिया वाहन श्रीराम चौराहे की ओर नहीं आएगा। सिर्फ मरीज लेकर अस्पताल आने वाले वाहनाें व एंबुलेंस को चौक से श्रीराम चौराहे की ओर जाने की छूट रहेगी। जिन लोगों को जिला या महिला अस्पताल की ओर जाना होगा, वे राजापाल चौराहे से घूमकर पहुंच सकेंगे। राजापाल चौराहे से घंटाघर तक नो पार्किंग जोन घोषित किया गया है। यहां टेंपो, प्राइवेट व कामर्शियल चारपहिया वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करना प्रतिबंधित किया गया है
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सबसे अधिक समस्या वाली पंजाबी मार्केट की सड़क को ‘नो ह्वीकल जोन’ घोषित किया गया है। इस सड़क पर तीन पहिया, चार पहिया, बाइक, ठेला, रिक्शा आदि लेकर कोई भी व्यक्ति नहीं जा सकेगा। टीएसआई रवींद्र यादव ने बताया कि दुकानों का सामान नाली के ऊपर या पटरी पर रखने वालाें के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यातायात की नई व्यवस्था सोमवार से लागू की गई है। उन्होंने कहा कि आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शहर को भीड़ से निजात दिलाने के कदम का व्यापारियाें ने स्वागत किया है। हालांकि उन्हें संदेह है कि डीएम के आदेश का पुलिस गंभीरता से अमल कराएगी। पंजाबी मार्केट के कपडे़े के कारोबारी आशीष उमरवैश्य का कहना है कि यहां की सड़कें बेहद संकरी हैं। उस पर ठेला दुकानदाराें ने कब्जा कर रखा है। ऐसे में हर समय जाम की नौबत बनी रहती है। क्राकरी के सामानों का कारोबार करने वाले महेश कुमार जाम की समस्या के लिए प्रशासन को ही जिम्मेदार मानते हैं। उनका कहना है कि एक व्यक्ति अगर दुकान के भीतर तक ही रहना चाहता है तो पड़ोसी की दुकान तीन फीट आगे तक लग जाती है। ऐसे में उसे भी बाहर तक दुकान सजानी पड़ती है।
श्रीराम चौराहे के दवा कारोबारी संजय खंडेलवाल ने डीएम के फरमान का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अगर कुछ दिनाें तक डीएम के आदेश का अमल कराकर व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाए, तो यह लोगों की आदत में शुमार हो जाएगा। उनका कहना है कि चौराहे पर पुलिस बूथ की स्थापना व्यापारियाें ने ही जाम से निजात के लिए कराई थी लेकिन अब पुलिस वाले उसे भूल गए। श्रीराम चौराहे के दवा कारोबारी बृजेश पिंटू का कहना है कि चौराहे पर पटरी दुकानदाराें, ठेला वालाें और वाहन खड़ा करने से सड़क गायब हो जाती है। समस्या से हर कोई अवगत है लेकिन इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। अगर डीएम का नया फरमान अमल में आता है तो वाकई समस्या दूर हो जाएगी।
शहर में वाहन अड्डों का संचालन मनमाने तरीके से हो रहा है। चालक सड़काें पर वाहन खड़े कर सवारियां भरते हैं। सिर्फ सवारी भरने वाले ही नहीं बाद के नंबरों की गाड़ियां भी सड़काें पर ही खड़ी रहती हैं। जाम लगने के बाद भी चालक ध्यान नहीं देते हैं। पुलिस ने तो समस्या की ओर से आंख बंद कर रखी है।
शहर में जाम की समस्या के लिए रोडवेज का अहम रोल है। डिपो के भीतर रहकर तो कोई बस सवारी भरती ही नहीं। लालगंज, कुंडा, कानपुर, दिल्ली और विपरीत दिशा में इलाहाबाद, फैजाबाद की ओर जाने वाली बसें सड़क पर ही खड़ी होती हैं। ऐसे में यहां पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है लेकिन न तो रोडवेज प्रशासन इस ओर ध्यान देता और न ही सिविल लाइन पुलिस। चंद कदम दूर अंबेडकर चौराहे के पास भी लालगंज जाने के लिए मैजिक का अड्डा सड़क पर ही चलता है। डीएम और एसपी आफिस के बाहर की सड़काें पर चारों ओर चालक अपनी जीप, मैजिक सड़क पर ही खड़ी कर सवारियां भरते हैं।
सदर मोड़, भैरोपुर, कपूर चौराहा, बाबागंज, जीआईसी के सामने भी सभी प्रकार के वाहन सवारियाें की प्रतीक्षा सड़क पर ही खड़े होकर करते हैं। बाबागंज, भैरोपुर में तो सड़काें पर खडे़ वाहन न केवल जाम का कारण बनते हैं बल्कि इन्हीं के कारण कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इन सबके बाद भी जिला प्रशासन समस्या के समाधान के लिए गंभीरता नहीं दिखा रहा है। ऐसे में जाम में पिसना लोगों की मजबूरी बन गई है।