लोक निर्माण विभाग ने सड़कों के गड्ढे पाटने में 529.34 करोड़ रुपये कहां-कहां खपाए हैं, इसकी तलाश जिले के अफसर कर रहे हैं। हालांकि यह जांच ऐसे अफसरों को सौंपी गई है, जिनके पास जांच का कोई तकनीकी आधार नहीं है। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों और ठेकेदारों की सांस ऊपर-नीचे हो रही है।
लोक निर्माण विभाग को बरसात के बाद सड़कों के गड्ढे पाटने के लिए 529.34 करोड़ रुपये मिले थे। विभाग का दावा है कि रुपये खर्च भी हो गए हैं। मगर आलम यह है कि सड़कों के गड्ढे तो नहीं भरे, मगर कागज पर गड्ढामुक्त होने का दावा किया जा रहा है। चंद्रिकनधाम से सरुवावां को जोड़ने वाली सड़क पर गड्ढा पाटने के नाम पर लाखों का खेल किया गया।
आलम यह है कि सड़क की काली गिट्टियां पटरी पर आ गई हैं। अंतू-सांगीपुर मार्ग पर 16-25 किमी में केमिकल से पैचिंग होने के कारण दूसरे दिन ही गिट्टियां उखड़कर बाहर आ गई हैं। टाउन एरिया अंतू में बाबूगंज बाजार से अठगवां को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह बदहाल हो गई है।
सगरासुंदरपुर से किठावर बाजार को जोड़ने वाली सड़क की पैचिंग की गई थी, मगर वर्तमान में गिट्टियां गायब हो गई हैं। चर्चा है कि लालगंज और कुंडा में सड़कों की पैचिंग हुए बगैर ही भुगतान कर लिया गया है। फिलहाल अभी रिपोर्ट आने का इंतजार है। गुरुवार को अधिकारियों की टीम पहुंचने पर अवर अभियंता और ठेकेदार मैनेज करने में लगे रहे। कुछ अवर अभियंताओं ने दूसरी सड़क दिखाकर अपना काम निकाला।
जांच हुई तो फंसेंगे अधिकारी
जिलेभर में गड्ढामुक्त करने का दावा खंगालने निकले अफसरों ने सही ढंग से जांच की तो अधिकांश अवर अभियंताओं की नौकरी खतरे में पड़ जाएगी। फिलहाल जिला प्रशासन की इस जांच अभियान से विभागीय अधिकारियों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
अब फरवरी में चलेगा अभियान
जिले की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान पर इन दिनों ब्रेक लगा हुआ है। ऐसा ठंड को देखते हुए अधिकारियों ने निर्णय लिया है। फिलहाल अब फरवरी माह में ठंड कम होते ही पैचिंग के कार्य में तेजी लाया जाएगा।
जिले के अधिकारियों से गड्ढामुक्त की रिपोर्ट मांगी गई है, दो दिन में रिपोर्ट आने के बाद अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों की रिपोर्ट शीर्ष अधिकारियों को भेजी जाएगी।
राजेश कुमार सिंह, डीएसटीओ।