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सरकारी अस्पतालों में भर्ती पर रोक, प्राइवेट अस्पतालों की बढ़ी मनमानी

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Prohibition on recruitment in government hospitals, private hospitals increased arbitrarily - फोटो : PRATAPGARH
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सरकारी अस्पताल का ओटी लॉक कर दिया गया है। सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों को दवा देकर घर भेज दिया जा रहा है। ऐसे में गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को प्राइवेट अस्पताल का सहारा लेना पड़ रहा है। इसका फायदा उठाते हुए निजी अस्पताल संचालक मोटी रकम वसूल रहे हैं।
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कोरोना वायरस के डर से बीते सप्ताह भर से सरकारी अस्पतालों का ओटी लॉक कर दिया गया है। ओपीडी पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। विभाग के सूत्रों की मानी जाए तो शासन की ओर से आदेश आया है कि गंभीर मरीजों को ही इमरजेंसी में भर्ती किया जाए। आम मरीजों को दवा देकर घर भेज दिया जाए।
जिला और महिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी और पीएचसी के चिकित्सक मरीजों को दवाएं देकर घर लौटा दे रहे हैं। कोरोना वायरस के मरीजों के लिए वार्ड खाली कराया जा रहा है। इससे मरीज परेशान हो रहे हैं। मजबूरन प्राइवेट अस्पताल का सहारा ले रहे हैं। निजी नर्सिंगहोम संचालक इलाज के नाम पर मरीजों को लूट रहे हैं। मगर जिम्मेदार इससे पूरी तरह अंजान बने हैं।
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मरीजों से भरे हैं निजी अस्पताल
जिले के अधिकांश निजी अस्पताल मरीजों से फुल हैं। सरकारी अस्पताल में सन्नाटा पसरा हुआ है। सरकारी अस्पताल के चिकित्सक मरीजों को रेफर कर देते हैं।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। ओटी लॉक किया गया है। भीड़भाड़ से बचने के लिए ओपीडी का संचालन नहीं किया जा रहा है। गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। निजी अस्पताल संचालक यदि ज्यादा पैसा लेकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं तो इसकी जांच की जाएगी। डॉक्टर एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
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