ईसाई समाज का प्रमुख पर्व गुड फ्राइडे शुक्रवार को मनाया गया। चर्च में आयोजित प्रार्थना सभा में लोग प्रभु यीशु के दुखभोग का स्मरण कर द्रवित हो उठे। जिस समय उन्हें सूली पर चढ़ाया गया, वह दृश्य देखकर सभी भावुक हो उठे। बोल पडे़, ओह गाड! तूने यह क्या किया। मानव जाति को पाप से बचाने के लिए स्वयं को बलिदान कर दिया। होली होजरी चर्च और फुल गोस्फल चर्च में बड़ी संख्या में एकत्रित हुए लोगों ने प्रभु यीशु की उपासना कर प्रार्थना सभा में भाग लिया।
दहिलामऊ स्थित होली रोजरी कैथोलिक चर्च में बड़ी संख्या में जुटे ईसाई समाज के लोगों को प्रभु यीशु का संदेश सुनाते हुए पादरी अनिल माइकल ने कहा कि मानव जाति को पाप से मुक्ति दिलाने के लिए स्वयं निर्दोष होते हुए भी सूली पर चढ़ गए। चर्च में प्रभु यीशु के क्रूस पर लटकने के स्मरण कर लोग द्रवित हो उठे। सुबह से उपासना कर प्रार्थना में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। इस मौके पर फादर संतोष कुमार, फादर स्टाइनी बिलफ्रेड, फादर अरुणापन, सिस्टर एलिजेबेला, सिस्टर कैथरीन, सिस्टर फिलो, सिस्टर अनीता, सिस्टर लीसमा, सिस्टर प्रफुल्ला, सिस्टर बीना, सिस्टर उजाला आदि मौजूद रहीं।
अष्टभुजानगर स्थित फु ल गोस्पल चर्च में आयोजित प्रार्थना सभा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। पादरी सुनील सिंह ने प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ने के पहले जो सात बचन मानव को उपदेश के रूप में दिया था, उसे सुनाते हुए कहा कि मानव को कोई ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए जिससे दूसरों को कष्ट पहुंचे। प्रभु यीशु के बलिदान दिवस को अनोखा पर्व बताते हुए कहा कि इस दिन दुश्मनों को उपहार और गुलदस्ते दिए जाते हैं। इससे ईश्वर के प्रति प्रेम और व्यवहार की नींव मजबूत होती है।