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बैंकों में लाइन बता रही नकदी का संकट

Sat, 10 Dec 2016 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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बैंकों ने लोगों के सामने समस्या खड़ी कर दी है। न तो लोग घरों में पड़ी शादियां ठीक से निपटा पा रहे हैं और न ही दूसरे की शादियों में दिलखोल कर खर्च कर पा रहे हैं। यही नहीं गिफ्ट देने में भी लोग कंजूसी कर रहे हैं। सुबह सात बजे से लगने वाली लाइन शाम को कैश न होने की घोषणा पर खत्म होती है। यह लगभग सभी बैंकों का हाल है। खासतौर से एसबीआई कुंडा और शेखपुर में तो लोगों को 2000 रुपये से ही संतोष करना पड़ रहा है। एसबीआई बाबगंज में कैश अंदर से मिलने के कारण लोगों ने हंगामा किया। नवाबगंज इलाके में मैनेजर का केबिन तोड़ दिया। 
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कस्बा स्थित एसबीआई में लोगों की लाइन छोटी होने का नाम ही नहीं ले रही है। सुबह से ही लोगों की भीड़ बैंक में उमड़ पड़ती है। बुजुर्गों के साथ ही महिलाएं भी कोहरे और भीषण ठंड में खड़ी होकर पैसे मिलने का इंतजार करती ंहैं। एसबीआई की शाखा  निर्धारित रकम भी दे पाने में असफल साबित हो रही है। इसी तरह से शेखपुर आशिक एसबीआई में भी लोगों की लाइन सड़क तक लग जाती है। उधर एसबीआई बाबागंज में भी यही हाल है। लगातार लोगों की लाइन बढ़ती जा रही है। जब भी लोगों को 24 हजार दिए जाते हैं तो कुछ दिन के लिए लाइन कम हो जाती है लेकिन उन्हें 2000 से ज्यादा मिल ही नहीं पा रहा है।

शुक्रवार को एसबीआई बाबागंज में गार्ड असरदार लोगों का पैसा लाकर दे रहा था। इस पर लोगों ने जमकर हंगामा मचाया। शोर शराबे पर शाखा प्रबंधक अहमद अली और हेड कैशियर यशवंत सिंह ने उसकी तलाशी करवाई तो उसके पास तीन चेक मिली। इस पर उसे जमकर फटकार लगाई गई। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। उधर बैंक आफ बड़ौदा शाखा पंचमहुआ में पैसा निकालने आई अंजू प्रजापति (26) पत्नी रामानुज निवासी छेउंगा की लाइन में लगे हुए तबीयत खराब हो गई। इसके कारण वह लाइन से बाहर हो गई। उसे बाद में पैसा भी नहीं मिला। उधर नवाबगंज थाना क्षेत्र के मुरस्सापुर बैंक आफ बड़ोदा की शाखा में कम कैश मिलने से नाराज ग्रामीणों ने मैनेजर का केबिन तोड़ दिया। इसके साथ ही जमकर हंगामा मचाया। बाद में पुलिस ने  मामला शंात कराया।
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