Principal Secretary Panchayati Raj will investigate toilet scams
प्रतापगढ़। स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत चार ब्लाकों में हुए करोड़ों के शौचालय घपले की जांच करने सोमवार को स्वयं प्रमुख सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार आ रहे हैं। लाभार्थियों के घर-घर जाकर हकीकत जानने के साथ ही वह अभिलेखों को भी साथ लेकर जाएंगे। विभाग के मुखिया के आने की जानकारी होने पर डीपीआरओ कार्यालय में हडक़ंप मच गया है। कर्मचारी दिन-रात मेहनत करके अभिलेख दुरुस्त करने में लगे हुए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत शौचालयों का निर्माण कराए बगैर ही धनराशि का बंदरबांट करने वाले प्रधानों और वीडीओ पर कार्रवाई तय हो गई है। जिले के कुंडा, कालाकांकर, बाबागंज और बिहार ब्लाक में व्यापक पैमाने पर हुए खेल का खुलासा करने में अधिकारी भी कतरा रहे थे। पूर्व में तैनात रहे डीपीआरओ ने अफसरों को भ्रामक जानकारी देकर गुमराह किया था। नए डीपीआरओ के कार्यभार ग्रहण करने के बाद हकीकत बताने पर प्रमुख सचिव पंचायतीराज ने स्वयं गांव-गांव पहुंचकर जांच करने का फैसला किया है। विभाग के मुखिया के आने की खबर मिलते ही अधिकारी और कर्मचारी तैयारी में जुट गए हैं। शाम को पांच बजते ही जो कर्मचारी विभाग से गायब रहते थे, वह शनविार को देर रात तक कार्यांलय में डटे रहकर तैयारी में लगे रहे। डीपीआरओ लालचंद्र गुप्ता ने बताया कि प्रमुख सचिव गांवों में जांच करने के साथ ही अफसरों के साथ बैठक भी करेंगे।
चार अफसरों की अलग से बनी टीम
स्वच्छ भारत मिशन के तहत संदिग्ध मामलों की जांच करने के लिए डीसी मनरेगा, पीडी, डीसी स्वत: रोजगार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। यह टीमें पत्रमुख सचिव के आने के पहले ही चारों ब्लाकों में जांच के लिए पहुंच जाएगी। प्रमुख सचिव अपने स्तर से जांच करने के साथ ही टीम की रिपोर्ट के मुताबिक कार्रवाई करेंगे।