फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खाता नहीं मिलने से 2.45 लाख बच्चों को नहीं मिली एमडीएम की धनराशि

विज्ञापन
विज्ञापन
लॉकडाउन में एमडीएम से वंचित होने वाले 2.45 लाख बच्चों के खाते में धनराशि भेजने में बेसिक शिक्षा विभाग फेल हो गया है। आलम यह है कि विभाग बच्चों के अभिभावकों का खाता नंबर ही नहीं जुटा पाए हैं। इससे उनके खाते में न तो धनराशि पहुंची है और न ही कोटेदारों के माध्यम से राशन पहुंचा है।
विज्ञापन

कोरोना वैश्विक महामारी से बचने के लिए जिले के स्कूलों में 25 मार्च से अवकाश घोषित किया गया है। इससे एमडीएम पूरी तरह ठप है। शासन ने लॉकडाउन के दौरान बंद स्कूलों के बच्चों के हिस्से की धनराशि और राशन उनके घर पहुंचाने का निर्णय लिया है। अभिभावकों के खाते में कनवर्जनकास्ट की रकम भेजने के लिए सभी हेडमास्टरों से खाता नंबर मांगा गया है। जिले के प्राइमरी, मिडिल स्कूलों में 2.45 लाख बच्चे नामांकित है। स्कूलों के बंद होने से अभी तक हेडमास्टर अभिभावकों का खाता नंबर नहीं उपलब्ध करा पाए। दरअसल में बच्चों, अभिभावकों का खाता नंबर, आईएफएससी कोड प्रेरणा एप पर अपलोड कराना होगा। मगर आलम यह है कि स्कूलों का बच्चों से संपर्क टूटने से खाता नंबर जुटाने में पसीना छूट गया है। इससे बच्चों के खाते में कनवर्जनकास्ट की रकम भेजने में विभाग पूरी तरह फेल हो गया है।
प्राइमरी और मिडिल में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे गांव के हैं। अधिकांश अभिभावक ऐसेे हैं, जिन्होंने खाता खोलवाने के बाद काफी दिन से लेन-देन नहीं किया है। इससे उन्हें केवाईसी देने की जरूरत है। कुछ खाते ऐसे हैं, जिनमें एक हजार रुपये से कम राशि है। ऐसे में उन खातों से अभिभावकों को रुपये निकालना बेहद मुश्किल होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें