प्रतापगढ़। किसानों को खरीफ की फसलों के बीज खरीदने के लिए इस बार जेब ढीली करनी पड़ेगी। बीज के दामों में 150 रुपये प्रति क्विंटल तक की वृद्धि की गई है। किसानों को फसल बोने के लिए बीज के दाम अधिक चुकाने होंगे, लेकिन बाजार में फसल के दाम अच्छे मिलेंगे इसकी कोई गारंटी नहीं है। पिछले साल किसानों को धान की अच्छी कीमत बाजार में नहीं मिल पाई थी। दाम बढ़ने से किसानों में नाराजगी है।
किसानों की फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को फसलों के उन्नत बीज दिए जा रहे हैं। किसान अगर अपने घर का बीज कई साल तक बिना शोधित किए बोते हैं, तो इससे पैदावार कम होती जाती है। साथ ही फसल में रोग भी लगने लगते हैं। फसल अच्छी हो, इसके लिए किसानों को उन्नत बीज कृषि विभाग की सरकारी दुकानों पर उपलब्ध कराए जाते हैं। फसल के दाम भले ही बढ़ें या न बढ़ें, लेकिन सरकारी बीज के दामों में हर साल अच्छी खासी वृद्धि हो जाती है।
इस साल किसानों को धान की फसल का जो बीज मिलेगा, वह पिछले साल फसल के सरकारी दाम से करीब दोगुना और बाजार दाम से करीब तीन गुना महंगा है। किसानों को महंगा बीज ही खरीदकर बोना होगा। रानीगंज के किसान शेष बहादुर सिंह, पूरे बेसऊ निवासी, मम्मन तिवारी, सहिजवार के जगमोहन पांडेय, भटपुरवा के राममूर्ति मिश्र ने हर साल धान के बीज के दाम बढ़ते है, मगर समर्थन मूल्य में इजाफा नहीं होता है। क्रय केेंद्रों पर धान बेचने के लिए चक्कर लगाना पड़ता है। लक्ष्य पूरा होने पर किसानों की उपज कौड़ी के दाम पर बिकता है। जिला कृषि अधिकारी डा अश्वनी सिंह ने बताया कि इस बार धान के बीजों के दाम बढ़े है।
इनसेट---------------------
फसल पिछले साल दाम अब दाम
धान मोटा 3340 3480
धान महीन 3370 3510
बासमती 4760 4380
ज्वार 4810 4990
बाजरा 4020 4310
सोयाबीन 6920 7070
अरहर 9100 9670
तिल 15750 15580
नोट : बीज के दाम प्रति क्विंटल में हैं।
खाद निर्मित करने वाली निजी कंपनियों ने भी बढ़ाए दाम
खाद निर्मित करने वाली निजी कंपनियों ने भी खाद के दाम बढ़ा दिए है। प्रति बोरी 300 रुपये की बढ़ोत्तरी की है। ऐसे में खाद की किल्लत होने पर इस बार निजी कंपनियों के उर्वरक भी खरीदने में किसानों की जेब ढीली होगी।