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200 से 130 रुपये गिर गया मुर्गे का दाम, बिक्री में 75 फीसदी गिरावट

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Prices of chicken fell by 200 to 130 rupees, 75% fall in sales
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200 से 130 रुपये गिर गया मुर्गा का दाम, बिक्री में 75 फीसदी आई गिरावट
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सर्दी के बावजूद 30 फीसदी गिरी अंडे की बिक्री
बकरे के मांस से भी लोगों ने बनाई दूरी, बाहर से कम हो गई मुर्गों की सप्लाई
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। बर्ड फ्लू की आहट से चिकन कारोबार पर खासा प्रभाव पड़ा है। जिले में मुर्गे की बिक्री में 75 प्रतिशत तक गिरावट आई है। बाहर से आने वाले मुर्गें की सप्लाई भी बंद हो गई है। लोगों ने अब मुर्गे व बकरे का मांस खाने से दूरी बनाना शुरू कर दिया है। वहीं सर्दी के बावजूद अंडे की बिक्री भी में 70 फीसदी तक गिरावट आई है। कोरोना की मार झेलने के बाद उबर रहे मांस व अंडा कारोबारियों में हताशा देखने को मिल रही है।
कोरोना महामारी के बीच ही प्रदेश में बर्ड फ्लू की आहट से हर कोई खौफजदा है। मुर्गे, बकरे का मांस खाने वाले शौकीन लोगों ने अब दूरी बनाना शुरू कर दिया है। जिसके चलते मुर्गे और बकरे के मांस की बिक्री पर जबर्दस्त असर देखने को मिल रहा है। जिले में मुर्गें की बिक्री में 75 प्रतिशत तक गिरावट देखने को मिली है। अभी तक करीब दो सौ रुपये किलो बिक रहे मुर्गे का मांस 130 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। खपत कम होने के चलते बाहर से मुर्गे की सप्लाई कारोबारियों ने बंद करा दी है। कमोबेश यही हाल बकरे के मांस का भी है। जिसके कारण मांस बेचने का कारोबार का धंधा मंदा हो गया है। सर्दी में अंडा खाना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। सर्दी में अंडे की खपत बढ़ जाती है। बर्ड फ्लू के आहट के बाद अंडे की बिक्री में काफी कमी आई है। कारोबार में 70 फीसदी तक गिरावट आई है। तीस प्रतिशत बिक्री बंद हो चुकी है। अभी तक 12 सौ रुपये पेटी मिलने वाला अंडे का दाम भी गिरा है। अब अंडा एक हजार रुपये पेटी बिक रहा है। फिर भी खरीदार गायब हैं। दुकानों पर उबला अंडा आठ रुपये में बिक रहा था। जो अब छह से सात रुपये में बिक रहा है। अचानक कारोबार में गिरावट के चलते कारोबारी हताश हैं।
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वर्जन------
कोरोना ने पहले ही कारोबार की कमर तोड़ दी थी। अब कारोबार कुछ उबर रहा था लेकिन बर्ड फ्लू की आहट के साथ फिर कारोबार मद्दा होने लगा है। जिले में मुर्गे के कारोबार में 70 फीसदी गिरावट आई है।
मोहम्मद शरीफ उर्फ कालिया, मुर्गा कारोबारी
वर्जन-----
सर्दी में अंडे के दाम व बिक्री दोनों गिरे हैं। बर्ड फ्लू बीमारी की भले ही अभी जिले में कहीं पुष्टि न हुई हो लेकिन अंडे का कारोबार इस बीमारी की चपेट में आकर मद्दा पड़ गया है।
मोहम्मद जावेद, थोक अंडा विक्रेता
इनसेट------
हर दिन 75 कुंतल थी मुर्गें की खपत
जिले में हर दिन करीब 75 कुंतल मुर्गे की खपत होती थी। मुर्गे का रेट अलग-अलग होता है। देशी मुर्गे का रेट, ब्वायलर से अधिक होता है। जिले में हर दिन करीब 75 कुंतल मुर्गे की खपत होती थी जो अब लगभग बीस फीसदी तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा लगातार गिरता जा रहा है। कारोबारी इस बात से आशंकित है कि कहीं जांच के दौरान जिले में पक्षियों में फ्लू होने की रिपोर्ट न मिले। अन्यथा उन लोगों का कारोबार ठप हो जाएगा।
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इनसेट-----
3 से 4 सौ पेटी बिक जाता था प्रतिदिन अंडा
जिले में सर्दी की दस्तक के साथ ही अंडे की खपत बढ़ जाती थी। जनवरी की शुरूआत म मजमें ही बर्ड फ्लू की आहट ने अंडे के कारोबार पर भी असर डाला है। अभी तक जिले में हर दिन 3 से लेकर 4 सौ पेटी अंडा बिक जाता था। जो अब डेढ़ सौ पेटी तक पहुंच गया है। सीजन में अचानक बिक्री बंद होने से कारोबारियों को निराशा हाथ लग रही है। कारोबारियों का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो उन लोगों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
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