चुनावी मौसम में बेल्हा में बैलेट के साथ बुलेट का जलवा बरकरार है। अवैध असलहों के कारोबार में आई तेजी ने कई छुटभैयों को लखपति बना दिया है। ‘अमर उजाला’ टीम की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि पिस्टल और तमंचों की बिक्री ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। ऐसा नहीं है कि यह असलहे सिर्फ डराने व धमकाने के लिए खरीदे जा रहे हैं। सुरक्षा के लिए भी तमाम लोगों ने खुद को ऐसे असलहों से लैस कर लिया है। क्योंकि चुनाव के दौरान लाइसेंसी असलहों को थानों में जमा करा लिया जाता है। यह जरूर है कि पुलिस ने कार्रवाई की है।
चुनावी मौसम में बेल्हा में अभियान चलाकर लगभग दो दर्जन असलहों व बीस लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। बेल्हा के कुछ खास इलाके जरायम की दुनिया में एक अलग मुकाम इसलिए रखते हैं कि यहां से किसी भी प्रकार के तमंचे खरीदे जा सकते हैं। चाहे वह नाइन एमएम की पिस्टल हो या विभिन्न खूबियों से लैश तमंचे। ऐसे ही कुछ इलाकों में अमर उजाला की टीम ने गोपनीय तरीके से पड़ताल की। तस्वीरें हैरान कर देने वाली थीं।
आचार संहिता लगने के पहले से ही असलहा बाजार में तेजी आ गई थी। पुलिस भी तेजी से लाइसेंसी असलहों को थाने पर जमा करा रही थी। उससे अधिक अवैध असलहों की मंडी में पिस्टल व तमंचे बिक रहे थे। पिस्टल के दाम में पहले की अपेक्षा पांच से लेकर दस हजार तक की बढ़ोत्तरी थी। तमंचे के रेट भी बढ़ गए हैं। मानधाता, जेठवारा, लालगंज, कुंडा , मानिकपुर के तराई व कंधई थाना क्षेत्र में यही हालात हैं। हालांकि पुलिस व एसटीएफ ने कार्रवाई कर असलहा तस्करों को जेल की हवा भी खिलाई है।
खरीदार के रूप में पहुंची थी स्वाट टीम
कोहड़ौर बाजार के करीब गत दिनों क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम असलहों के सौदागर से तमंचे के लिए सौदा किया। सौदा तय होने पर टीम का सिपाही खरीदार बनकर पहुंच गया। इस बीच असलहों के दो सौदागर दबोचे गए। बिहार से लेकर अवैध असलहों की खेप लेकर पहुंचा तस्कर पुलिस टीम की घेराबंदी भांपकर भाग निकला। जबकि अवैध असलहों के तस्कर को एसटीएफ की टीम ने विश्वनाथगंज के पास से धर दबोचा था।