फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुरखों की मगफिरत को घरों से मांगीं दुआएं

विज्ञापन
विज्ञापन
शबे बारात का पर्व मनाने के लिए लोग अपने घरों में रहे। दुनिया से विदा हो चुके पुरखों की मगफिरत के लिए अल्लाह के सामने बंदों के हाथ उठे। अपने गुनाहों से तौबा करते हुए कोरोना जैसी महामारी से लोगों की बचाने की दुआ मांगी। कब्रिस्तानों पर सन्नाटा पसरा हुआ था। यहां कोई भी चिराग जलाने वाला नहीं पहुंचा। हर कोई अपने घरों से ही पुरखों के लिए दुआ करते रहे।
विज्ञापन

हमेशा शबेरात पर मुस्लिम मोहल्लों में खासी चहल पहल देखने को मिलती थी। मगरिब की नमाज के बाद ही लोग नियाज फातिहा के बाद कब्रिस्तान पहुंचकर अपने पुरखों की कब्रों पर मगफिरत की दुआएं करते थे। कोरोना महामारी ने इस बार शबेरात की खुशी को गमगीन कर दिया। हर कोई अपने घरों में ही रुका रहा। किसी के पैर बाहर नहीं निकले। लाकडाउन के चलते शहर के हर चौराहे पर फोर्स मौजूद थी। सभी मसलक के मानने वाले उलेमा ने भी सभी को शबेरात पर घर में रुककर इबादत करने व अपने गुनाहों की तौबा करने की गुजारिश की थी। पल्टन बाजार स्थित चांद तारा कब्रिस्तान पर तो पहले से ही प्रबंधक ने सभी के प्रवेश पर रोक लगा दिया था। वहां पुलिस भी तैनात की गई थी। सीओ सिटी अभय पांडेय व शहर कोतवाल दलबल के साथ मुस्लिम मोहल्लों का जायजा लेने के साथ ही मातहतों को आवश्यक दिशा निर्देश देते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें