प्रतापगढ़। फर्जी हस्ताक्षर बनाकर करोड़ों की घपलेबाजी के मामले में जांच की प्रक्रिया एजेंट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जद में डाक विभाग के कर्मचारी भी आ रहे हैं। वर्ष 2014 से लेकर 2018 तक पटल पर कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों की कुंडली तैयार की जा रही है। इससे कर्मचारियों की बेचैनी बढ़ गई है।
प्रधानडाकघर में लगभग एक करोड़ के घपलेबाजी हुई है। डाकघर की योजनाओं से जुड़े ग्राहकों की रकम फर्जी हस्ताक्षर के जरिए एजेंट द्वारा गायब कर दी गई। करीब दो महीने पहले करोड़ों की घपलेबाजी का यह मामला अधिकारियों के संज्ञान में उस समय आया जब ग्राहकों द्वारा खाते में जमा की गई रकम न होने की शिकायत की गई। जांच के दौरान एजेंट द्वारा फर्जी हस्ताक्षर की बात सामने आई। इसके बाद एकाउंट का मिलान किया गया तो करोड़ों का फर्जीवाड़ा देख अफसर भी हैरान हो उठे। एजेंट सुरेंद्र कुमार पर फर्जी हस्ताक्षर कर करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगा।
पुलिस व विभाग जांच टीम की नजर सुरेंद्र कुमार पर है। उसे बिंदुवार मामले की पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान विभागीय कर्मचारियों की भी संलिप्तता सामने आ रही है। ऐसे में अब विभागीय टीम पटल पर काम करने वाले 2014 से 2018 तक के कर्मचारियों को भी निशाने पर लेगी। इस समयांतराल में कार्य करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी। इसके लिए अब टीम कर्मचारियों की कुंडली तैयार कर रही है। सूची तैयार होने के बाद उनसे भी बारी-बारी से पूछताछ होगी। जांच टीम की इस कवायद के बाद विभागीय अधिकारियों में हडक़ंप मचा हुआ है। सीनियर पोस्ट मास्टर एसके बुनकर ने बताया कि एजेंट के साथ ही कर्मचारियों की भी संलिप्तता की बात सामने आ रही है। कर्मचारियों से भी इस मामले को लेकर बिंदुवार पूछताछ की जाएगी। दोषी कर्मचारी पर भी कार्रवाई की जाएगी।