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प्रतापगढ़: कंधई में जिंदा जल मरे जेठ-भयाहू

Wed, 13 Mar 2019 11:55 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
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कंधई में जिंदा जल मरे जेठ-भयाहू - फोटो : प्रतापगढ़
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 मानसिक रूप से बीमार महिला ने घर के भीतर आग लगा ली। चीख सुनकर जेठ छत के रास्ते आग बुझाने भीतर घुसा, लेकिन महिला ने उसे पकड़ लिया। जिससे दोनों जिंदा जल मरे। ग्रामीण दरवाजा तोड़कर जब तक भीतर घुसते तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं। यह देख घर में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों के शवों को थाने उठा ले गई। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।
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कंधई थाना क्षेत्र के मिसिरपुर मधुपुर निवासी राममिलन की पत्नी अनीता (30) की मानसिक हालत ठीक नहीं रहती थी। बुधवार की शाम वह घर में अकेले थी। बच्चे बाहर खेल रहे थे और परिवार के दूसरे सदस्य खेत में गए थे। घर का दरवाजा भीतर से बंद कर आरती ने आग लगा ली। घर से धुआं उठते देख और चीख सुनकर जेठ रामबरन (40) पुत्र विदेशी दौड़ पड़ा, लेकिन दरवाजा भीतर से बंद था। वह किसी तरह छत पर पहुंचा और सीढ़ी के सहारे भीतर कूद गया। अंदर पहुंचा तो आरती ने कमरे का दरवाजा भीतर से बंद कर रखा था।

जिसे तोड़कर रामबरन घुसा। परिवार के लोगों की मानें तो आग से घिरी आरती ने बचाने के लिए जेठ को पकड़ लिया। जिससे वह भी आग की आगोश में आ गया। शोरशराबा और धुआं उठते देख आसपास के लोग दौड़ पड़े, लेकिन दरवाजा भीतर से बंद था। गांव के लोग दरवाजा तोड़कर भीतर घुसे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। भीतर का नजारा देख ग्रामीण दंग रह गए। लोगों ने किसी तरह आग बुझाई, लेकिन तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं। यह देख बिलखने लगे। घटना की जानकारी के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए।
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मौके पर पहुंचे कंधई थानाध्यक्ष ने शवों को कब्जे में लेकर थाने भेजा। सूचना पर एसडीएम पट्टी ने भी गांव पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। दो मौतों से घर में कोहराम मचा रहा। एसओ कंधई ने बताया कि गुरुवार को शवों का पंचायतनामा मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।

पिता का सहारा तो मां की छिन गई ममता
रामबरन व आरती की मौत के बाद बच्चों के सिर से पिता का सहारा और मां की ममता छिन गई। रामबरन की पत्नी कोमल का रो-रो कर बुरा हाल था। उसका बेटा दीपांशु, बेटी अंशिका और बेटा अहम पिता की जली लाश देख अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। आरती की भी तीन बेटियां थीं। नंदनी सबसे बड़ी थी। उससे छोटी नेहा व एक साल की नैंसी अभी मां का दूध पीती थीं। घटना के बाद हर कोई बच्चों को निहारता रहा। उस समय बच्चे बाहर दूसरे बच्चों के साथ खेल रहे थे।

एक दूसरे से चिपकी थीं लाशें
कंधई के मिसिरपुर निवासी रामबरन व उसकी भयाहू आरती की लाश एक दूसरे के ऊपर पड़ी थी। जलने के कारण दोनों शव चिपक गए थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से दोनों लाशों को अलग किया।

आरती के लिए कराई गई थी सत्यनारायण भगवान की कथा 
आरती की मानसिक स्थिति खराब होने के कारण परिवार के लोगों ने बुधवार को सत्यनारायण कथा का आयोजन किया था। रिश्तेदार भी जुटे थे। कथा समाप्त होने व प्रसाद वितरण के बाद सभी अपने काम पर निकल गए। आरती का पति राममिलन अपनी बहन इंद्रावती को पहुंचाने चला गया था। रामबरन की पत्नी कोमल खेत में काम करने चली गई थी। पति का शव देख वह बेहोश जा रही थी।  

एसडीएम के रवैए पर भड़के ग्रामीण
जेठ व भयाहू की जलने से हुई मौत की खबर मिलने पर एसडीएम पट्टी मौके पर पहुंचे। वह घटनास्थल का नजारा देखने के बाद चकरा गए। उन्होंने राममिलन को भीतर बुलाया। छत पर लगी सीढ़ी से लंबाई नापने के लिए बोला। यह सुनते ही ग्रामीण भडक़ गए। हालांकि एसओ कंधई हालात को भांपकर तुरंत एसडीएम पट्टी को दूर लेकर चले गए। लोगों का कहना था कि मुसीबत के मारे लोगों से अनायास सवाल जवाब एसडीएम कर रहे थे।

घटना को लेकर हैरत में थे लोग
आग में जिंदा जल मरे रामबरन व आरती की मौत के बाद हर कोई हैरत में दिखा। लोगों को भरोसा नहीं हो रहा था। घटनास्थल देखने के बाद कोई यह मानने को तैयार नहीं था। लोग घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे थे।
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