नगर कोतवाली में रविवार रात पुलिस व वकील के बीच मारपीट हो गई। इसके बाद कोतवाली में करीब आधे घंटे तक जमकर हंगामा हुआ। चौकी प्रभारी भंगवाचुंगी और सिपाही ने अधिवक्ता व उसके सैनिक भाई के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस सोमवार को मेडिकल के लिए दोनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंची।
वहां दोनों भी भाई पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाते रहे। घटना से आक्रोशित अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।
नगर कोतवाली के कोहड़ा निवासी अधिवक्ता शीतला प्रसाद राय के भाई चंद्रप्रकाश राय का पड़ोसी गांव परशुराम के हजारीलाल वर्मा से 20 अगस्त को विवाद हो गया था। इस मामले में दोनों ने पुलिस से शिकायत की थी।
आरोप है कि रविवार को अधिवक्ता के भाई चंद्रप्रकाश को एक सिपाही ने फोनकर भंगवाचुंगी पुलिस चौकी बुलाया। वहां से उन्हें लेकर कोतवाली चले गए। जानकारी होने पर कुछ देर बाद शीतला भी कोतवाली पहुंच गए। वहां भाई चंद्रप्रकाश के बारे में जानकारी करने लगे। इस बीच शीतला के बेटे अधिवक्ता रजनीश राय और सीआरपीएफ जवान रंजीत कुमार राय भी कुछ लोगों के साथ कोतवाली पहुंच गए।
दोनों की पुलिस से कहासुनी होने लगी। अधिवक्ता शीतला प्रसाद का कहना है कि चौकी प्रभारी भंगवाचुंगी राजेश राय उनके साथ अभद्रता करते हुए बेटों को भीतर घसीट ले गए। इस बीच वहां पहुंचे नगर कोतवाल व सीओ सिटी अभय पांडेय के साथ रहे पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता व सीआरपीएफ के जवान बेटे को बुरी तरह पीटा। उनके पास रहे 10 हजार रुपये, मोबाइल समेत अन्य सामान छीन लिया। कोतवाली में आधे घंटे तक जमकर हंगामा चलता रहा।
उन्होंने डीजीपी, मुख्यमंत्री समेत अन्य अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर चौकी प्रभारी भंगवाचुंगी राजेश राय का कहना है कि कोतवाली में बातचीत के दौरान रजनीश राय व रंजीत राय समेत उसके साथियों ने अपने चाचा चंद्रप्रकाश को पुलिस हिरासत से छुुड़ाने की कोशिश की।
रोकने पर उनके साथ मारपीट की और सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए देख लेने की धमकी दी। उनके स्टार भी नोच डाले। सिपाही राजेंद्र कनौजिया को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकाया व मारपीट की।
रात में ही चौकी प्रभारी व सिपाही की तहरीर पर कोतवाली में दोनों भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। सोमवार को दोनों को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लेकर पुलिस पहुंची। दोनों भाई चल नहीं पा रहे थे। वे पुलिस पर पिटाई का आरोप लगा रहे थे। एएसपी पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि मारपीट की घटना के चलते दोनों पक्षों का शांतिभंग की आशंका में चालान किया जा रहा था।
अधिवक्ता व उनका भाई कोतवाली पहुंचकर हंगामा करते हुए दरोगा व सिपाही से मारपीट कर सरकारी कार्य में बाधा डालने लगे। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। दूसरी ओर घटना से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
एसपी से मिला वकीलों का प्रतिनिधिमंडल, निष्पक्ष जांच की मांग
जूनियर बार एसोसिएशन पुरातन के पदाधिकारियों ने सोमवार को अधिवक्ता शीतला प्रसाद राय के अधिवक्ता बेटे रजनीश राय व दूसरे बेटे सीआरपीएफ के जवान रंजीत कुमार राय के साथ कोतवाली में मारपीट व फर्जी दर्ज मुकदमे की निंदा की।
कहा कि अपराध रोकने में नाकाम पुलिस अब अधिवक्ताओं पर जुल्म कर रही है। रातभर कोतवाली में मारपीट के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया। घटना को लेकर न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए प्रभारी जिला जज संतोष तिवारी को प्रस्ताव सौंपा। इसके बाद पुलिस अधीक्षक से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। बैठक में अध्यक्ष अयोध्या प्रसाद मिश्र, महामंत्री जयप्रकाश मिश्र, मुश्काक अहमद, मनोज कुमार, महेश कुमार शुक्ला, रवि कुमार, चंद्रकांत, शक्ति सिंह, आसिफ खान समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
कोतवाली पुलिस द्वारा अधिवक्ता की पिटाई के विरोध में कचहरी में प्रदर्शन करते जूबाए के लोग।- फोटो : PRATAPGARH