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प्रतापगढ़: संत एंथोनी कोविड अस्पताल में प्रतिदिन नहीं हो रही सफाई

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कैम्प कार्यालय में स्वास्थ्य समिति की बैठक करते डीएम रूपेश कुमार। - फोटो : PRATAPGARH
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डीएम प्रतिदिन कोविड अस्पताल और कमांड सेंटर का निरीक्षण करते हैं, लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर सुधरने के लिए तैयार नहीं हैं। शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान मरीजों की प्रतिदिन अस्पताल में सफाई न होने और बेड की चादर न बदले जाने की शिकायत मिलने पर डीएम सीएमओ पर बिफर पड़े।
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उन्होंने सीएमओ को फटकार लगाते हुए सभी समस्याएं दूर कराने के लिए कहा।
शुक्रवार को डीएम डा. रुपेश कुमार ने जिला अस्पताल परिसर में स्थापित इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर का निरीक्षण किया। रजिस्टर में अंकित शिकायतों पर नजर पड़ते ही डीएम बिफर पड़े। मरीजों की शिकायत थी कि संत एंथोनी कोविड अस्पताल में प्रतिदिन सफाई नहीं हो रही है।
डीएम ने सीएमओ को फटकार लगाते हुए कहा कि जब सफाई हो रही है, तो शिकायत कैसे आ रही है। इस पर सीएमओ ने चुप्पी साध ली। डीएम ने चेताया कि अगर प्रतिदिन सफाई नहीं हुई तो खैर नहीं है। उन्होंने कोविड अस्पताल में नियमित रूप से साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन कराने को कहा है।
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डीेएम ने ड्यूटी पर लगे चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि प्रतिदिन मरीजों से फोन से बात कर रजिस्टर में अवश्य अंकित करें। उन्होंने चेताया है कि लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ बैठक करके यूनाइटेड कालेज प्रयागराज, स्वरूपरानी चिकित्सालय प्रयागराज, वात्सल्य अस्पताल प्रयागराज, बीएचयू वाराणसी में भर्ती मरीजों से प्रतिदिन स्वास्थ्य की जानकारी लेने को कहा है।
ग्राम शिक्षा निधि के खाते में जमा धनराशि में हो रहा खेल
जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में खुले ग्राम शिक्षा निधि के खाते को बंद करके उसमें जमा धनराशि की सूचना विभाग मांग रहा है। हेडमास्टर सूचना देने में खेल कर रहे हैं। अधिकांश स्कूलों में लाखों रुपये वजीफा और ड्रेस के बचे हुए हैं, मगर रुपये हजम करने के लिए आधा ही दिखा रहे हैं। विभाग ने पासबुक मांगा नहीं मांगी है। इससे हेडमास्टर रुपये निकालने की फिराक में हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए वजीफा और ड्रेस के रुपये ग्राम शिक्षा निधि खाते में आते थे। बाद में शासन ने इस खाते को बंद करके एसएमसी का नया खाता खोलने का निर्देश दिया। इसी खाते में अब रुपये आ रहे हैं। शासन ने पूर्व में खुले खातों में डंप लाखों रुपये की जानकारी करने के लिए हेडमास्टरों से सूचना मांग ली। अब हेडमास्टर सूचना देने में खेल कर रहे हैं। खाते में पड़ी पूरी धनराशि की जानकारी न देकर आधी-अधूरी रकम होने की जानकारी दे रहे हैं। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि अभी सूचना मांगी गई है, बाद में बैंक खाते का विवरण भी मांगा जाएगा।
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