डीएम मार्कंडेय शाही ने कहा है कि चुनाव के दिन कोई वीआईपी नहीं होगा, बूथ पर पीठासीन अधिकारी ही मजिस्ट्रेट होगा। सुरक्षा पाने वाले मतदाता अपने गार्ड को बाहर खड़ा करेंगे। मतदान केंद्र के अंदर कोई भी व्यक्ति फोटो नहीं खींचेगा। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी को यह अधिकार है कि वह शांतिपूर्ण मतदान कराने में जो आवश्यक हो, वह कदम उठाए। डीएम ने मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण देते हुए कहा कि बवाल रोकने के लिए अभिकर्ताओं के लिए मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। कर्मचारी अपने पास मोबाइल रखेंगे, मगर वह पूरी तरह साइलेंट मोड में होगा।
मंगलवार को अफीम कोठी में मास्टर ट्रेनरों के प्रशिक्षण शिविर में डीएम ने शांतिपूर्ण मतदान कराने के टिप्स दिए। दो अप्रैल से पीठासीन अधिकारियों और मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर ट्रेनरों को पूरी तरह प्रशिक्षित करते हुए उनके सवालों के जवाब भी दिए। डीएम ने जोर देकर कहा कि पीठासीन अधिकारियों और मतदान अधिकारी प्रथम को इस बात की सख्त हिदायत दी जाए कि एटीएल ग्राउंड पर ईवीएम और कंट्रोल यूनिट की जांच अच्छी तरह से कर लें, मगर वीवीपैट की जांच कदापि न करें।
उन्होंने कहा कि तेज धूप होने से वीवीपैट खराब हो सकती है। मतदान प्रारंभ होने के पूर्व मार्कपोल अवश्य कराएं। अगर अभिकर्ता मौके पर मौजूद नहीं हैं तो पीठासीन अधिकारी का यह दायित्व है कि वह मार्कपोल कराने के बाद ही मतदान प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ईवीएम में कम से कम दस मत अवश्य डाले जाएं।
डीएम ने कहा कि अगर चुनाव के दौरान कोई मशीन खराब होती है तो उसे सेक्टर प्रभारी को नहीं दिया जाएगा, बल्कि मतदान कार्मिक अपने साथ ही लेकर आएंगे। प्रशिक्षण शिविर को एडीएम शत्रोहन वैश्य, सीडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह, एसडीएम सदर विनीत उपाध्याय, बीएसए अशोक कुमार सिंह, डीआईओएस एसपी यादव ने भी संबोधित किया।
मछली बाजार नहीं, जिम्मेदार अधिकारी हैं, अनुशासन में रहे
मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दे रहे डीएम अचानक उस समय नाराज हो गए जब मास्टर ट्रेनर जैनेंद्र सरोज ने खड़े होकर सवाल किया कि मास्टर ट्रेनरों के लिए मानदेय की व्यवस्था है कि नहीं। उन्होंने कहा कि तीन साल से मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण दे रहा हूं, मगर अभी तक एक भी रुपये नहीं मिले। यह सुनकर कुछ और मास्टर ट्रेनर रुपये नहीं मिलने की बात कहने लगे।
शोर सुनकर डीएम बोल पड़े, यह मछली बाजार नहीं है, आप जिम्मेदार अधिकारी हैं, अनुशासन में रहें। फिर क्या था, उनकी कड़ी आवाज सुनकर सन्नाटा पसर गया। हालांकि एडीएम ने बताया कि जो रिजर्व में रहते हैं, उन्हें मानदेय नहीं मिलता, बाकी लोगों को मानदेय मिलेगा।
रसोइया मतदान कार्मिकों को देंगे नाश्ता और खाना
जिले के 2616 बूथों पर होने वाले मतदान में कर्मचारियों को नाश्ता और खाने की जिम्मेदारी रसोइयां को सौपी गई है। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने पत्र जारी कर हेडमास्टरों से राशन की व्यवस्था और रसोइयों को तैयार रहने को कहा है।
मास्टर ट्रेनरों की चुनाव में नहीं लगेगी ड्यूटी
जिले के मास्टर ट्रेनरों की ड्यूटी चुनाव में नहीं लगाई जाएगी। डीएम ने उन्हें जिम्मेदारी से अवगत कराते हुए पीठासीन अधिकारियों और मतदान अधिकारी प्रथम को विधिवत समझाने को कहा है। उन्होंने कहा कि दो से पांच अप्रैल तक होने वाले प्रशिक्षण में उन्हें पूरी तरह प्रशिक्षित कर दें, जिससे मतदान के दिन किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।