खनन विभाग के खेल में ईंट भट्ठों पर जेसीबी से मिट्टी की खुदाई धड़ल्ले से हो रही है। बगैर पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र के चलने वाले ईंट भट्ठों को जहां जिला पंचायत बंद करने का नोटिस जारी कर रहा है, वहीं खनन विभाग मूक स्वीकृति देकर मलाई काट रहा है। खनन विभाग के इस खेल में जिला प्रशासन उलझा हुआ है। हाईकोर्ट के आदेश को ताक पर रखकर जिलेभर के ईंट भट्ठे धधक रहे हैं। उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने ईंट भट्ठा संचालकों से उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पर्यावरण स्वच्छता प्रमाणपत्र प्राप्त करने के उपरांत संचालन की इजाजत दी थी। जिले के 409 ईंट भट्ठों के संचालन में खनन विभाग व्यापक स्तर पर खेल कर रहा है।
दरअसल में जेसीबी से मिट्टी की खुदाई होने पर ही कच्ची ईंट का निर्माण किया जाता है। मिट्टी खुदाई के पहले ईंट भट्ठा संचालकों को टैक्स जमाकर अनुमति लेनी होती है। मगर, स्वच्छता प्रमाणपत्र के अभाव में अवैध रूप से चलने वाले ईंट भट्ठे मिट्टी खुदाई के लिए अनुमति लेने के बजाय विभाग के कर्मचारियों और अफसरों को मैनेज करने में लगे हुए हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि जिले के 409 ईंट भट्ठों में अभी तक किसी को भी पर्यावरण स्वच्छता का प्रमाण पत्र नहीं मिला है, इसके बाद भी पक्की ईंट तैयार की जा रही है। इन अवैध ईंट भट्ठों को रोकने के लिए खनन विभाग, एसडीएम और स्थानीय पुलिस के अधिकारी कोई पहल नहीं कर रहे हैं। इससे ईंट भट्ठा संचालकों के हौसले बुलंद हैं।