प्रतापगढ़ जिला कारागार में निरुद्ध छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट मामले के एक बंदी ने आग लगाकर जान दे दी। वह उन्नाव जिले का रहने वाला था। घटना के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। तमाम अधिकारी जेल पहुंच गए हैं। बंदियों का बयान दर्ज किया जा रहा है। उसकी पहचान कंधई के राहुल उर्फ दीपक (23) के रूप में की गई। डीआईजेल ने पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और अधिकारियों से जानकारी ली।
प्रतापगढ़ जिला कारागार में निरुद्ध दुष्कर्म मामले के आरोपी ने आग लगाकर जान दे दी। वह उन्नाव जिले का रहने वाला था। घटना के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। तमाम अधिकारी जेल पहुंच गए हैं। मामले की छानबीन की जा रही है। जेल के अंदर आग लगाकर जान देने की घटना से हर कोई स्तब्ध है।
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उन्नाव जिले का रहने वाले दीपक उर्फ राहुल (23) पुत्र शांति प्रसाद निवासी पुरवा मिर्जापुर रसूलाबाद थाना उन्नाव खिलाफ जिले के कंधई थाने में किशोरी के साथ छेड़खानी और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में पॉक्सो के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने गिरफ्तार करके उसे जेल भेजा था। शुक्रवार को उसने जेल के अंदर आग लगाकर जान दे दी। घटना की जानकारी बंदियों की गिनती करने के बाद हुई। एक बंदी कम मिलने पर जल जेल प्रशासन ने खोजबीन शुरू की तो सूखी लकड़ियों के बीच उसका शव मिला।
जिला कारागार में एक जगह गौशाला बनाने का कार्य चल रहा है। इसके लिए पेड़ों की टहनियों को काटकर एक जगह इकट्ठा किया गया है। बंदी ने टहनियों के भीतर घुसकर आग लगा ली। आग बुझाया गया तो बंदी का शव देखा गया। इसके बाद उसकी पहचान की गई। इतनी बुरी तरह जल चुका था कि पहचान में नहीं आ रहा था। बंदियों की गिनती कराने के बाद उसकी पहचान दीपक उर्फ राहुल के रूप में की गई।
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शुक्रवार को बंदियों से उनके परिजनों की मुलाकात चल रही थी। घटना की जानकारी होने पर अपर जिला अधिकारी आदित्य प्रजापति, एसडीएम सदर नैंसी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र लाल, शहर कोतवाल सुभाष चंद्र यादव सहित फायर ब्रिगेड की टीम मौजूद है। अधिकारी बंदियों का बयान दर्ज कर रहे हैं। डीआईजी जेल ने पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और अधिकारियों से जानकारी ली।