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Pratapgarh News : बुखार से दो मासूम भाई-बहनों की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

Sat, 01 Nov 2025 01:00 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़

सार

बाघराय थाना क्षेत्र के लच्छीपुर देवरपट्टी गांव में दो मासूम भाई बहनों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है। गांव निवासी वीरेंद्र सरोज की चार वर्षीय बेटी तन्वी सरोज और दो वर्षीय बेटा अतीक सरोज बीते दो दिनों से बुखार से पीड़ित थे।
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प्रतापगढ़ में बुखार से भाई बहन की मौत। - फोटो : संवाद।
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बाघराय थाना क्षेत्र के लच्छीपुर देवरपट्टी गांव में बुखार ने एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की जान ले ली। इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में मातम छा गया है। उक्त गांव निवासी ईंट भटट्टा मजदूर वीरेंद्र सरोज की चार वर्षीय बेटी तन्वी सरोज और दो वर्षीय बेटा अतीक सरोज बीते पांच दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थे। पहले स्थानीय स्तर पर दवा कराई गई, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। तब परिजन तन्वी को कुंडा स्थित एक हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान बृहस्पतिवार की शाम उसकी मौत हो गई। इसी बीच छोटे बेटे अतीक की तबीयत भी बिगड़ने लगी।

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परिजन उसे प्रयागराज के चिल्ड्रेन हॉस्पिटल ले गए, लेकिन डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद शुक्रवार की शाम उसने भी दम तोड़ दिया। दो दिनों में दो बच्चों की मौत से परिवार पर जैसे आसमान टूट पड़ा। मां कल्पना सरोज का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता वीरेंद्र और परिजन गहरे सदमे में हैं। गांव में हर ओर सन्नाटा पसरा है। पड़ोसी और रिश्तेदार ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं, लेकिन किसी के पास शब्द नहीं हैं। पिता वीरेंद्र सरोज ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, और अब दोनों बच्चों की असमय मौत ने उनके जीवन को शोक और बेबसी से भर दिया है। फिलहाल परिजनों ने बगैर पोस्टमार्टम के ही दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया है।

दो मासूमों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, टीम ने गांव पहुंचकर की जांच

बाघराय थाना क्षेत्र के देवरपट्टी लच्छीपुर गांव में बुखार से दो सगे मासूम भाई-बहनों तन्वी व अतीक के मौत की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। जानकारी मिलते ही सीएचसी बाघराय के अधीक्षक डॉ. दिनेश सिंह के निर्देश पर चिकित्सकों की टीम गांव पहुंची। टीम में डॉ. सुशील कुमार मिश्रा, अर्पण पांडे बीपीएम, अमित कुमार मिश्रा सहित संबंधित एएनएम और आशा कार्यकर्ता शामिल रहीं। टीम ने मृत बच्चों के परिजनों से बातचीत की और पूरे गांव में स्वास्थ्य सर्वे किया।

साथ ही आसपास के लोगों की डेंगू और मलेरिया की जांच की गई।स्वास्थ्यकर्मियों ने गांव में दवा का छिड़काव कर मच्छरों के संभावित स्रोतों को नष्ट किया। ग्रामीणों को साफ-सफाई बनाए रखने, ठहरा हुआ पानी न रखने और बुखार होने पर तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी गई। अधीक्षक डॉ. दिनेश सिंह ने बताया कि गांव में बीमारी के फैलाव की रोकथाम के लिए सतर्कता बरती जा रही है और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी में है। उन्होंने कहाकि दो बच्चों की दुखद मौत के बाद गांव में सतर्कता बढ़ाई गई है, किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है।

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बुखार से भाई बहन की मौत के बाद जुटी भीड़। - फोटो : संवाद।
पिता वीरेंद्र सरोज ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, और अब दोनों बच्चों की असमय मौत ने उनके जीवन को शोक और बेबसी से भर दिया है। फिलहाल परिजनों ने बगैर पोस्टमार्टम के ही दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया है। इस बावत बाघराय सीएचसी अधीक्षक डा. दिनेश सिंह का कहना है कि मामले की जानकारी होने पर चिकित्सकों की टीम गांव भेजी गई है।
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