पुलिस से नोकझोंक करते ग्रामीण।
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मानपुर थाना क्षेत्र के साहूमई निवासी सूरज की शुक्रवार को संदिग्ध दशा में मौत के बाद रविवार को बवाल हो गया। शनिवार दोपहर बाद शव पहुंचते ही परिजन रोने बिलखने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस घटना की छानबीन करती रही। रविवार को अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी झड़प हो गई। पुलिसकर्मियों से मारपीट और पथराव शुरू हो गया। इससे तनाव की स्थिति पैदा हो गई। गांव में भारी फोर्स तैनात किया गया है।
साहूमई का रहने वाला सूरज कुछ दिन पहले मुंबई से दादी के निधन पर घर आया था। शुक्रवार को संदिग्ध दशा में वह मृत मिला था। उसकी मौत को लेकर गांव में जहरीला पदार्थ खिलाकर हत्या करने की आशंका भी जताई जा रही थी। पोस्टमार्टम के दौरान जांच के लिए विसरा सुरक्षित कर लिया गया। शनिवार देर शाम परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक दो भाइयों व बहनों में बड़ा था। उसके परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। उसके कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी का बोझ था। पंचायत भवन के पास सूरज के परिजन ग्राम सभा की भूमि पर कच्चे मकान में रहते हैं। अचानक सूरज की मौत से परिजन सदमे में हैं।
राजाभैया को बुलाने पर अड़े ग्रामीण
रविवार को परिजन शव का अंतिम संस्कार न करने पर अड़ गए। शव को लेकर पुलिस और ग्रामीणों में तीखी नोकझोंक हुई। ग्रामीण क्षेत्रीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजाभैया को मौके पर बुलाने पर अड़ गए। पुलिस ने जबरन शव को कब्जे में लेना चाहा तो बवाल हो गया। जमकर पथराव करने के बाद पुलिसकर्मियों को गाड़ी से नीचे उतारकर पिटाई शुरू कर दी गई। मारपीट में मृतक के चाचा को भी गंभीर चोटे आई हैं। सीओ कुंडा अमरनाथ ने बताया कि परिजनों को कई बार केस दर्ज करने की बात कही गई। तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। मारपीट और घटना की जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है।