एचआईवी पीड़ितों को समाज में सम्मानपूर्वक तरीके से जीने के लिए सरकार और विभिन्न संस्थाएं भले ही तमाम जागरूकता कार्यक्रम चला रही हों, लेकिन उनके साथ भेदभाव जारी है। आम आदमी की तो बात छोड़ दीजिए डाक्टर भी उनसे दूरी बना रहे हैं। प्रतापगढ़ में एक ऐसा ही मामला सामना आया है जिसमें जिला अस्पताल के सर्जन पर दो एचआईवी पीड़ितों का आपरेशन करने से मना कर देने का आरोप लगा है। एचआईवी और टीबी पीड़ितों के लिए काम करने वाली संस्था पीएनपी (प्रतापगढ़ नेटवर्क फॉर पीपुल लिविंग विथ एचआईवी एड्स सोसाइटी) ने डीएम और सीएमओ से मामले की शिकायत की है। साथ ही आपरेशन न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।
पीएनपी अध्यक्ष विनोद यादव के मुताबिक, संस्था से जुड़े पांच एचआईवी पीड़ितों का आपरेशन होना है। जिसमें से दो लोगों के आपरेशन की बात जिला अस्पताल के सर्जन प्रेममोहन गुप्ता से हुई थी। इसमें एक पुरुष रोगी का बवासीर और दूसरी महिला की बच्चेदानी का आपरेशन होना था। उनका कहना है कि सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जब दोनों के एचआईवी पीड़ित होने की जानकारी डा. प्रेममोहन को दी गई तो वह भड़क गए। उन्होंने दोनों मरीजों का आपरेशन करने से साफ मना कर दिया। कहा कि वह ऐसे मरीजों का आपरेशन नहीं करते हैं। दोनो मरीजों ने यह बात संस्था के अध्यक्ष विनोद यादव से बताई। इस संबंध में विनोद सीएमओ डॉक्टर विनोद पांडेय से मिला। सीएमओ ने सीएमएस डॉक्टर आरडी द्विवेदी से दोनों मरीजों का आपरेशन करने को कहा। विनोद का आरोप है कि सीएमओ के आदेश के बाद भी दोनों मरीजों का आपरेशन नहीं किया गया।