जिले में खंड विकास अधिकारियों की कमी से विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। 29 फरवरी को तीन बीडीओ की सेवाएं समाप्त होेने पर जिले के दस ब्लॉकों में बीडीओ की कुर्सी खाली हो जाएगी। बीडीओ की कमी का असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है। जिले के 17 विकास खंडों में 9 ब्लॉकों में ही स्थाई बीडीओ की तैनाती की गई है। इसमें तीन ब्लॉकों में तैनात बीडीओ की संविदा 29 फरवरी को समाप्त हो रही है। इसके बाद बगैर बीडीओ वाले जिले के दस ब्लॉक हो जाएंगे। जनपदीय अधिकारियों में डीडीओ रमाकांत तिवारी को रामपुर संग्रामगढ़ और मंगरौरा, डीसी मनरेगा जनार्दन प्रसाद यादव को मानधाता का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
बीडीओ में कुंडा के रमाशंकर सिंह को कालाकांकर, विहार के सौरभ श्रीवास्तव को बाबागंज, सांगीपुर की सावित्री शर्मा को लक्ष्मणपुर, शिवगढ़ के निरंकार मिश्र को गौरा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। जिले के तीन बीडीओ ऐसे हैं जो संविदा पर तैनात हैं, तीन वर्ष के लिए तैनात इन बीडीओ की संविदा 29 फरवरी को समाप्त हो रही है। अगर शासन ने संविदा की अवधि आगे नहीं बढ़ाई, तो जिले के संडवा चंद्रिका, पट्टी और लालगंज ब्लॉकों में बीडीओ की कुर्सी खाली हो जाएगी। इस प्रकार देखा जाय तो सिर्फ सदर और आसपुर देवसरा ब्लॉक ही ऐसे हैं, जिनके पास एक ही ब्लॉक का जिम्मा है। इस संबंध में जिला विकास अधिकारी आरके तिवारी ने बताया कि जिले में बीडीओ की भारी कमी है। इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। तैनाती करने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।