एनसीईआरटी की किताबें न मिलने से बेल्हा के प्रतियोगी छात्र-छात्राओं को तैयारी करने में कठिनाई हो रही है। छात्र-छात्राएं अपने विषय की एनसीईआरटी की किताब खरीदने के लिए महानगरों का चक्कर लगा रहे हैं। उसके बाद भी उन्हें किताबें नहीं मिल पा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को बुक स्टालों पर एनसीईआरटी की किताबें न मिलने से तैयारी करने में परेशानी हो रही है। इन किताबों से अध्ययन न करने पर उन्हें अपने विषयों की बेसिक जानकारी नहीं हो पा रही है। ऐसे में वह इन किताबों की खरीदारी के लिए इलाहाबाद, लखनऊ व कानपुर जैसे महानगरों में चक्कर लगा रहे हैं।
छात्र-छात्राओं का कहना है कि इन शहरों में भी एनसीईआरटी की किताबें नहीं मिल पा रही है। वहां की बाजारों में केवल कक्षा आठ तक की किताबें ही मिल पा रही हैं। वह भी फोटो स्टेट करके बेची जा रही है। उनका कहना है कि सबसे ज्यादा दिक्कत इंटर व हाईस्कूल स्तर की एनसीईआरटी की किताबों को लेकर है। इस स्तर की किताब कहीं भी नहीं मिल रही है। ऐसे में उनकी तैयारी पूरी नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में शहर की कुछ दुकानों पर एनसीईआरटी की किताब मिल रही है, लेकिन अंग्रेजी माध्यम की होने के कारण उसे पढ़ने में कठिनाई होती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं हिंदी माध्यम की एनसीईआरटी की किताब तलाश कर रही है। कोचिंग संचालकों का कहना है कि सिविल सेवा, टीजीटी, पीजीटी समेत तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के हिसाब से एनसीईआरटी की किताबें महत्वूपर्ण हैं। इन किताबों को अध्ययन करने से छात्र-छात्राओं का विषय पर अच्छी पकड़ बन जाती है। जिससे वह परीक्षाओं को आसानी से पास कर लेते हैं।