गुरुवार को पेश हुए रेलबजट के पिटारे से प्रतापगढ़ में रेलवे विद्युतीकरण और दोहरीकरण के साथ ही यार्ड रिमाडिलिंग, कलर सिग्नल और प्लेटफार्मों की लंबाई बढ़ाने का तोहफा मिला। रेलमंत्री ने इस सभी कार्यों की मंजूरी देते हुए 776 करोड़ का बजट दिया है। रेलमंत्री सुरेश प्रभु द्वारा बजट में करोड़ाें रुपये की सौगात प्रतापगढ़ में नई परियोजनाओं को शुरू करने के लिए दी गई है।
इसमें फाफामऊ से प्रतापगढ़ के बीच 46 किमी विद्युतीकरण के लिए 44.2 करोड़, अमेठी, प्रतापगढ़ और जंघई के बीच 87 किमी लाइन का दोहरीकरण और विद्युतीकरण कराने के लिए 700 करोड़ रुपये और प्रतापगढ़ यार्ड की रिमॉडलिंग के लिए 32 करोड़ रुपये मिले हैं। कुल 776 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। रिमॉडलिंग में जो 32 करोड़ मंजूर हुए हैं उसमें तीनों प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाई जाएगी। साथ ही कलर लाइट सिग्नल (आरआरआई) की सुविधा प्रदान की जाएगी। ऐसा होने से ट्रेनों का संचालन और बेहतर जो जाएगा। साथ ही ट्रेनों की स्पीड भी बढ़ जाएगी।
प्रतापगढ़ में मालगाड़ी के डिब्बों की मरम्मत के लिए वर्कशाप की स्थापना का प्रस्ताव इस बार भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। कांग्रेस सरकार के बजट में इसका प्रस्ताव था। अधिकारियों ने प्रतापगढ़ में इसके लिए जमीन की तलाश भी शुरू कर दी थी। वर्कशाप की स्थापना न किए जाने से युवाओं को काफी निराशा हुई।
रेल बजट में रेलकर्मियों के बच्चों की शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया। इससे रेलकर्मी आहत हैं। यूआरएमयू के मंडल मंत्री रविभूषण सिन्हा का कहना है कि यह रेलबजट कर्मियों के हित मेें नहीं है। बजट में कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई पर फोकस नहीं किया गया। न ही सातवें आयोग के बारे में ही कुछ कहा गया। वहीं कुलियों में बजट को लेकर प्रसन्नता है। अपने को सहयोगी कहकर बुलाए जाने का उन्होंने स्वागत किया है।