अभी तक नकल कराने को लेकर वित्तविहीन कालेजाें को बदनाम किया जाता था, लेकिन गुरुवार को सरकारी स्कूलों में भी नकल होने पोल अधिकारियों के सामने खुल गई। मौके पर पहुंचे डीआईओएस ने सामूहिक नकल होते देख जीआईसी पूरब गांव के केंद्र व्यवस्थापक को बदलने का आदेश दिया। चार अभ्यर्थियों को रेस्टीकेट किया गया।
संडवाचंद्रिका ब्लाक के राजकीय इंटर कालेज पूरब गांव में बुधवार को पहली पाली में इंटर अर्थशास्त्र के दूसरे पेपर की परीक्षा थी। परीक्षा के दौरान नकल हो रही थी। सचल दल के साथ जब डीआईओएस मौके पर पहुंचे तो नजारा देखकर दंग रह गए। हर कक्ष में जमकर नकल हो रही थी।
अभ्यर्थी भी अपनी सीट छोड़कर आस-पास बैठे अभ्यर्थियों की सीट पर बैठे थे। कई कमरों का हाल यह था कि अभ्यर्थियों को सामूहिक रूप से एक जगह बैठा दिया गया था। उन्हें बोलकर नकल कराई जा रही था। प्रश्न के कोटेशनों को ब्लैकबोर्ड पर लिखकर कक्ष निरीक्षक मिटा रहे थे। कई अभ्यर्थियाें के हाथों में नकल की पर्ची भी थमा दी गई थी। साथ ही अर्थशास्त्र विषय की किताब भी कालेज परिसर के बाहर फेंकी पाई गई। जिसमें से कई पन्ने फटे थे, जो कि कालेज के अंदर मिले। सचल दल को देख केंद्र व्यवस्थापक व कक्ष निरीक्षक घबराकर अपने कमरे की ओर भागने लगे। सचल दल ने चार को रेस्टीकेट कर दिया। मौके पर पहुंचे डीआईओएस शिवकुमार ओझा ने केंद्र व्यवस्थापक रंजन प्रताप को फटकार लगाई। उनके स्थान पर संतोष कुमार गुप्ता को नया केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया है।