प्राथमिक विद्यालय आमामऊ के पास दफनाया गया मासूम का शव मंगलवार को पुलिस ने कब्र खोदकर बाहर निकलवा दिया। बाद में दूसरी जगह उसकी अंत्येष्टि की गई। कोतवाली क्षेत्र के बसवाही आमामऊ गांव निवासी जवाहर लाल हरिजन की तीन वर्षीय बेटी नंदनी की सोमवार की रात बीमारी के कारण मौत हो गई। परिजनों ने मंगलवार को उसका शव लाकर प्राथमिक विद्यालय आमामऊ के पास दफना दिया। विद्यालय बनने के पहले यह जमीन गांव के कब्रिस्तान के रूप में उपयोग में लाई जाती थी। विद्यालय बनने के बाद यहां शव दफनाने का क्रम बंद हो गया था।
कम जानकारी और गरीबी के कारण जवाहर ने बेटी का शव वहीं दफना दिया। प्रधानाध्यापक कृपाशंकर पांडेय को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की। हलका लेखपाल को लेकर पुलिस मौके पर पहुंची। मासूम के परिजनों के साथ ही गांव के लोगों को इस जमीन के बारे में बताया और माप कराई गई। लेखपाल की माप और पुलिस के समझाने के बाद परिजनों ने मासूम नंदिनी के शव को कब्र खोदकर निकाला। इसके बाद गांव के लोगों के सहयोग से उसे गंगा घाट अंत्येष्टि के लिए ले गए।