अंतिम संस्कार होने के एक महीने बाद युवक अचानक एक विवाहिता के साथ रविवार को थाने पहुंच गया। यहां पहुंचने पर पता चला कि वह गांव की ही एक विवाहिता के साथ फरार हुआ था। महीने भर पहले सई नदी के किनारे मिले क्षतविक्षत शव को उसका बताकर घरवालों ने अंतिम संस्कार कर दिया था। मामले की जानकारी होने पर थाने में तमाशबीनों का मजमा लग गया।
उदयपुर के पूरे भवानी कुंभीआइमा गांव निवासी धर्मेंद्र वर्मा (26) पुत्र परमेश्वर बीती 4 जनवरी को अचानक घर से गायब हो गया। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। घरवालों ने धर्मेंद्र की हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए पुलिस से शिकायत कर दी। घटना के कुछ दिनों बाद रायबरेली जिले के नसीराबाद थाने में धर्मेंद्र के खिलाफ विवाहिता को भगा ले जाने का केस दर्ज हो गया। विवाहिता धर्मेंद्र के गांव कुंभीआइमा की रहने वाली है। नसीराबाद व उदयपुर पुलिस मामले की जांच कर रही थी कि इस बीच उदयपुर थाना क्षेत्र के खजुरी गांव में सई नदी में एक शव क्षतविक्षत हालत में मिला। शव मिलने की जानकारी पर धर्मेंद्र का भाई हरकेश वर्मा थाने पहुंचा। सई में मिले शव को वह भाई का बताकर रोने बिलखने लगा। इस पर पीएम कराने के बाद शव को पुलिस ने हरकेश के हवाले कर दिया। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया और बाद में विवाहिता के ससुराल व मायके वालों पर धर्मेंद्र की हत्या का आरोप लगाते थाने में शिकायत कर दी गई।
लेकिन नाटकीय ढंग से हुए घटनाक्रम के बाद पुलिस को मामला संदिग्ध लगा और वह जांच में जुट गई। जांच में रायबरेली जिले की पुलिस की मदद भी ली गई। सूत्रों की मानें तो पुलिस को पुख्ता साक्ष्य मिल गया कि धर्मेंद्र गांव की विवाहिता के साथ ही फरार हुआ है। इससे पहले की पुलिस घटना का खुलासा कर पाती धर्मेंद्र अचानक विवाहिता के साथ रविवार को उदयपुर थाने पहुंच गया। तब जाकर सारी हकीकत सामने आ सकी। अंतिम संस्कार के बाद युवक के थाने पहुंचने की जानकारी लोगों को हुई तो तमाशबीनों का मजमा लग गया। उदयपुर पुलिस ने दोनों के परिजनों को थाने बुलाया। यहां किसी पक्ष के कार्रवाई नहीं चाहने पर उन्हें परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। एसओ संतोष दुबे ने बताया कि विवाहिता ने बयान दिया है कि वह अपनी मर्जी से गई थी। इसके चलते युवक पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। परिजनों के भी कार्रवाई नहीं चाहने से दोनाें को छोड़ा जा रहा है।