मध्यप्रदेश में सड़क हादसे के शिकार हुए लोगों का शव शनिवार को मानिकपुर पहुंचने पर कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। भारी भीड़ के बीच छह शवों को एक साथ शहाबाद में दफनाया गया। दुर्घटना में चेहरे इतने बिगड़ गए थे अंतिम बार भी किसी को उन्हें दिखाया भी नहीं जा सका। मातमी माहौल में सभी को दोपहर की नमाज के बाद सुपुर्द ए खाक किया गया।
मानिकपुर थाना क्षेत्र के शहाबाद वार्ड निवासी महफूज आलम अपने बड़े पिता पद्मश्री अवार्ड प्राप्त मुस्तफा अब्दुल रसीद खां की मिट्टी में शामिल होने के लिए मुंबई से एक स्कार्पियो से परिवार के तीन सदस्यों व चार रिश्तेदारों के साथ ड्राइवर सहित आ रहे थे। मध्यप्रदेश में राजगढ़ जनपद के सारंग थाना क्षेत्र के धनोरा पुलिया के पास ट्रैंकर की टक्कर में परिवार के चारों सदस्यों सहित लखनऊ दाउद नगर निवासी तीन रिश्तेदारों व मुंबई के ड्राइवर की भी मौत हो गई थी।
इसमें एक ही परिवार के महफूज खां (55) पुत्र हफीज खां, सफदर खां (30), हैदर खां (35) पुत्र महफूज, अकबरी बेगम (51) पत्नी महफूज निवासी मानिकपुर खानकाह व रिश्तेदार हुसना (40) पत्नी अख्तर, मरियम (10) पुत्री जर्राफ खां, रुबीना बानो (38) पत्नी शकील निवासी दाउदनगर लखनऊ सहित चालक यूसुफ निवासी मुम्बई ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। गंभीर रूप से घायल जर्राफ (45) पुत्र नसीर खां निवासी लखनऊ दाउद नगर को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को एक ही परिवार के चार सदस्यों के साथ ही दो रिश्तेदार हुश्नाबानों व 10 वर्ष की मरियम के शवों को भी मानिकपुर ले आया गया। एक साथ छह कब्रों में सभी को सुपुर्दे खाक किया गया। इस दौरान भीड़ के भी आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।