यूपी बोर्ड परीक्षा की पहले दिन नकल माफियाओं ने धज्जियां उड़ा दीं। कई केंद्रों पर जमकर नकल कराई गई। कई लोग बाहर से नकल कराते रहे तो कहीं केंद्रों पर खुलेआम इमला बोला गया। नकल माफिया अफसरों का चक्रव्यूह भेदने में सफल रहे। जिला प्रशासन की ओर से नकल रोकने के जो इंतजाम किए गए थे, वह पहले दिन ही धराशायी हो गए। लालगंज और कुंडा इलाके में अफसरों के नहीं पहुंचने से नकलमाफिया पूरी तरह हावी रहे। कुछ केंद्रों पर शिक्षकों ने जहां बोलकर नकल कराई, वहीं अधिकांश केंद्रों पर ब्लैक बोर्ड पर हिंदी का पेपर हल किया गया। नकल रोकने के लिए बना सचल दल पहले दिन तैयारी ही करता रह गया। उधर ,नकलची केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट नहीं पहुंचे।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं गुरुवार से प्रारंभ हो गईं। नकल का खुला खेल लालगंज, सांगीपुर, बाबागंज, कुंडा और कालाकांकर में देखने को मिला। सांगीपुर ब्लाक के कृष्णा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बोझी सिलौधी में शिक्षक जहां पुर्ची लेकर बोलकर इमला लिखाता रहा, वहीं झुंड में एकत्रित होकर बच्चे नकल करते रहे। परीक्षा केंद्र के बाहर भी बड़ी संख्या में नकल कराने वाले मौजूद रहे। यह विद्यालय ऐसी जगह पर है जहां अधिकारी चाहकर भी नहीं पहुंच सकते हैं। हालांकि प्रिंसिपल दिनेशचंद्र ने नकल होने की बात से इनकार किया है। यह तो महज उदाहरण है, कमोबेश अधिकांश केंद्रों का नजारा ऐसा ही देखने को मिला।
शहर के माडर्न साइंस इंटर कॉलेज जोगापुर में दरवाजा बंद कराकर परीक्षा कराई जा रही थी। इससे अधिकारी अंदाज लगा सकते हैं कि परीक्षा केंद्र पर नकल हो रही है, या नहीं। बोर्ड का सख्त आदेश है कि परीक्षा के समय केंद्र का दरवाजा खुला रहेगा। कालाकांकर स्थित रामरती रामदास इंटरमीडिएट कॉलेज मुरेठी में कक्ष निरीक्षक बोलकर नकल कराते हुए मिले। इस स्कूल में खुलेआम नकल होती रही। जिला प्रशासन ने नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए बड़ी संख्या में अधिकारियों की तैनाती की थी। सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेटों के साथ ही नकलची केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई थी। मगर गुरुवार को पहले दिन सचल दल और स्टेटिक मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट कोई भी नहीं दिखाई पड़ा। इससे नकल माफिया पूरी हावी रहे।