फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

22 दिन में दूर हुई 22 वर्षों की मुसीबत

Mon, 15 Feb 2016 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार लोहिया गांवों को विकास की सभी योजनाओं से संतृप्त करने के लिए भले ही लगातार प्रयास कर रही हो, लेकिन अफसर इन गांवों के विकास को लेकर कितने सक्रिय हैं इसकी बानगी लक्ष्मणपुर ब्लॉक का रेड़ी गांव है। जहां 22 साल से गांव में सड़क की समस्या बनी हुई थी। लेकिल  जिलाधिकारी ने जब अफसरों के पेच कसे तो 22 वर्षों की मुसीबत मात्र 22 दिन में ही दूर हो गई।
विज्ञापन


लालगंज तहसील के लक्ष्मणपुर ब्लाक के रेड़ी गांव को वर्ष 2013-14 में डॉ. राममनोहर लोहिया आदर्श गांव के रूप में चयनित किया गया था। शासन की मंशा थी कि इस गांव को सभी योजनाओं से संतृप्त कर दिया जाए, लेकिन अधिकारी लगातार लापरवाही बरतते रहे और कागजों पर ही सारे विकास कार्य होते रहे।  इस गांव के लोग रास्ते के लिए लंबे समय से परेशान थे। वर्षों पहले खड़ंजा बिछा था जो पूरी तरह उखड़ गया था। रास्ते को बीच में खोदकर नाली बना दी गई थी। नालियां न होने से गंदा पानी भी नहीं नहीं निकल पा रहा था। इससे ग्रामीणों का आना-जाना भी मुश्किल हो गया था। विभागीय अधिकारियों के साथ तहसील दिवस तक इसकी शिकायत पर शिकायत होती रही, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसकी जानकारी जब नवागत जिलाधिकारी डॉ. आदर्श को हुई तो इस पर डीएम गांव पहुंच गए।

रास्ते और विकास योजनाओं का हाल देखकर वह दंग रह गए। नाराज डीएम ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को तलब किया तो वह इधर-उधर की बातें करने लगे। इस पर डीएम ने एक महीने के भीतर परेशानी दूर करने का निर्देश दिया। सख्ती का असर रहा कि विभाग ने 22 दिन के अंदर ही 22 साल की परेशानी दूर कर दी। अब टूटे-फूटे खड़ंजे की जगह सीसीरोड का निर्माण हो गया। दोनों तरफ नालियां भी बन गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें