जनपद के सभी बाजारों को श्रम विभाग की ओर से एक दिन बंद करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए दिन भी निर्धारित किया गया है। बावजूद इसके दुकान संचालक मोटी कमाई के लिए बंदी के दिन भी दुकान खोल कर बैठ जाते हैं। बंदी के नाम पर ग्राहकों से अधिक पैसा वसूला जाता है। डीएम के निर्देश पर श्रम विभाग की ओर से सप्ताह में एक दिन जिलेभर के छोटी से लेकर बड़ी दुकानें बंद करने का निर्देश दिया गया है। दुकान बंद न करने वाले व्यापारी के खिलाफ विभागीय अधिकारी कार्रवाई भी करते हैं, मगर बेल्हा में ऐसा कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा है।
श्रम विभाग के अधिकारी काम करने की जगह इधर-उधर बैठकर समय पास करते हैं। शनिवार को बंदी दिवस घोषित होने के बाद भी छापामारी नहीं करते हैं। इसके चलते छोटे और बड़े दुकानदार धड़ल्ले से दुकान खोल कर व्यवसाय करते हैं। इतना ही नहीं व्यवसायी बंदी के नाम पर ग्राहकों से दाम भी अधिक वसूलते हैं। श्रम विभाग उनके खिलाफ कार्रवाई करने का साहस तक नहीं जुटा पाता है। सूत्रों की माने तो माह के अंतिम बंदी दिवस पर श्रम विभाग के अधिकारी व कर्मचारी छापामारी करने के लिए निकलते हैं। दुकान पर पहुंचते ही संचालक उनकी जेब गरम कर देते हैं। इसके बाद वह खुद ही लौट जाते हैं।