जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह शुक्रवार को अफसरों की मनमानी देखने अचानक विकास भवन पहुंच गए। उनके निरीक्षण अफसरों की बाजीगरी खुलकर सामने आ गई। करीब 11 बजे वह जब विकास भवन पहुंचे तो सात अधिकारियों और कर्मचारियों की कुर्सी खाली मिली। इस पर सबसे स्पष्टीकरण तलब करते हुए एक-एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया। डीडीओ कार्यालय के कनिष्ट सहायक कमल नारायण के 13 फरवरी को हस्ताक्षर करने पर स्पष्टीकरण तलब किया है।
कार्यालय से प्राय: गायब रहने वाले जिला युवा कल्याण अधिकारी डीपी चौरसिया, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सत्यप्रकाश यादव, अपर संख्याधिकारी मनोज त्रिपाठी एवं रमाशंकर तिवारी, डीडीओ कार्यालय के प्रधान सहायक अजय कुमार श्रीवास्तव, अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय की कनिष्ट सहायक सावित्री देवी पटेल, महेंद्र बहादुर का एक-एक दिन का वेतन काटने और तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। विकास भवन की सीढ़ियों पर गंदगी और शौचालय की दशा खराब होने पर डीडीओ रमाकांत तिवारी को फटकार लगाते हुए डीएम ने तीन दिन के अंदर साफ कराने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि सभी अधिकारी दस से बारह बजे तक कार्यालय में बैठकर जनता की शिकायतें सुनेंगे। डीपीओ, डीपीआरओ और समाज कल्याण विभाग में शिकायत पंजिका में मामले में दर्ज नहीं करने पर नाराजगी जताई। डीएम ने निरीक्षण के समय सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह भी मौजूद रहे।