प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर केंद्रीय रेलमंत्री सुरेश प्रभु की
कृपा आखिरकार बरस ही गई। स्टेशन के रिमाडलिंग, जंघई से प्रतापगढ़ होते हुए
अमेठी तक रेललाइन के दोहरीकरण आदि के लिए करीब 725 करोड़ रुपये देने के लिए
राजी हो गए हैं। सांसद कुंवर हरिवंश सिंह के प्रस्ताव पर उन्होंने बुधवार
को अपनी स्वीकृति दे दी है।
प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म की कमी, शौचालय आदि समस्याओं से दो
चार हो रहे यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब उनको इसके लिए परेशान होने
की जरूरत नहीं पड़ेगी। यहां की समस्याओं को लेकर सांसद हरिवंश सिंह
रेलमंत्री सुरेश प्रभु से मिले। रेलमंत्री ने उनकी समस्याएं सुनने के बाद
रेलवे स्टेशन के रिमांडलिंग, रेलवे लाइन दोहरीकरण, वाशिंग लाइन, दो नए
प्लेटफार्म और वीआईपी रूम के निर्माण के लिए करोड़ों का बजट दे दिया है। धन
मिलते ही रेलवे के अधिकारी काम शुरू कर देंगे। बता दें कि अंग्रेजों के
जमाने के इस स्टेशन पर उस समय भी तीन प्लेटफार्म थे। आज भी उनकी संख्या
उतनी ही है। जबकि गाड़ियों की संख्या दस गुना बढ़ गई है। हर दस किलोमीटर पर
फ्रैक्चर की आशंका से अधिकारी और यात्री डरे सहते रहते हैं। सबसे अधिक
दिक्कत शौचालय की है। इसके अभाव में लोग ट्रेनों या फिर रेलवे परिसर में
शौच करते हैं। जिससे गंदगी फैल रही है। काफी अरसे बाद रेलमंत्री की निगाह
इस बदहाल स्टेशन पर पड़ी तो उन्होंने इसके विकास के लिए रुपये देने में
कंजूसी नहीं की। करीब 725 करोड़ स्वीकृत की है।
किसके लिए कितना बजट
अमेठी से प्रतापगढ़ होते हुए जंघई तक 88 किमी डबल ट्रैक निर्माण के लिए
तकरीबन 684 करोड़। प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन की रिमाडलिंग, प्लेटफार्म की
लंबाई बढ़ाने, नई वाशिंग लाइन और दो नए प्लेटफार्मों के निर्माण के लिए
लगभग 36 करोड़ 7 लाख। स्टेशन पर यात्री शेड, शौचालय और वीआईपी रूम के लिए
करीब 5 करोड़ 20 लाख का बजट स्वीकृत हुआ है।