जाम के झाम से जूझ रहे जनपदवासियों के लिए सुखद खबर है। चिलबिला क्रॉसिंग पर आरओबी के एप्रोच मार्ग का रास्ता रोककर खड़े 135 पेड़ों को कटवाने की अनुमति वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार ने एनएच को दे दी है। सोमवार को इसकी सूचना वन विभाग प्रतापगढ़ के अधिकारियों को मिल गई। रिपोर्ट मिलने के बाद वन विभाग कटने वाले पेड़ों का इस्टीमेट बनाकर उसकी फाइल एनएच को देगा। उसके बाद एनएच वन विभाग को कटने वाले पेड़ों की कीमत का भुगतान करेगा। इस काम को पूरा होने में एक सप्ताह का समय लगने की उम्मीद अधिकारी जता रहे हैं।
बता दें कि चिलबिला रेलवे क्रासिंग पर रेलवे की साइड से ब्रिज का काम पूरा हो चुका है। केवल उसका एप्रोच मार्ग बाकी है, जो करीब पांच साल से अधिक समय से रुका हुआ है। इसके रास्ते की रुकावट बने करीब डेढ़ सौ पेड़ों को काटने के बाद भी पुल पूरा नहीं बन पाया। करीब एक साल पहले एप्रोच मार्ग के पुराने ले आउट में कुछ तब्दीली की गई। जो नया ले आउट बनकर तैयार हुआ उसमें 135 नए पेड़ सामने आ गए। इनको काटे बगैर काम नहीं चलने वाला था। इस काम को पूरा करने के चक्कर में पूरा समय बीत गया। कभी वन विभाग तो कभी एनएच कुछ न कुछ खामियां निकाल देते। जिससे काम बंद हो जा रहा था।
मीडिया में खबर आने के बाद दबाव बना तब जाकर पेड़ों के काटने की तैयारी में तेजी आई। ‘अमर उजाला’ बराबर इस पर खबर प्रकाशित रहा। सोमवार को पता चला कि वन और पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार ने एनएच को बचे हुए पेड़ों के काटने की अनुमति दे दी है। वन विभाग कटने वाले पेड़ों की लागत की राशि का इस्टीमेट बनाकर एनएच को देगा। एनएच उस राशि का भुगतान करेगा। उसके बाद पेड़ों के काटने का काम शुरू करा दिया जाएगा। इस बारे में डीएफओ वाईपी शुक्ला का कहना है कि एनएच वालों ने पेड़ों के कटवाने की अनुमति ले ली है। इसकी फाइल मिलने के बाद इस्टीमेट बनाया जाएगा।