सरकारी विभागों में बजट की उपलब्धता होने के बाद भी बिजली बिल न चुकाने पर सोमवार को डीएम आदर्श सिंह ने कड़ा रुख अपनाया। बिजली बिल न जमा किए जाने पर समाज कल्याण अधिकारी का वेतन रोक दिया। कार्रवाई के डर से अन्य अधिकारी भी भयभीत रहे। बिजली बिलों के लंबित भुगतान को लेकर समीक्षा कैंप कार्यालय पर हुई। इस दौरान समाज कल्याण विभाग से संबंधित विभिन्न संस्थाओं पर लगभग 27 लाख बिजली बिल भुगतान का मामला लंबित पाया गया। इस बात पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी का वेतन रोकने का आदेश दिया।
उन्होंने का कि जब तक बिजली बिल का भुगतान नहीं हो जाता, तब तक वेतन नहीं मिलेगा। डीएम ने कहा कि बजट की उपलब्धता होने के बावजूद जिन विभागों ने बिजली बिल नहीं जमा किया है, वे 15 दिन के अंदर भुगतान कर दें। ऐसा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान विद्युत वितरण खंड-2 के अधिशासी अभियंता ओपी मिश्र ने बताया कि सरकारी विभागों पर कुल 16 करोड़ रुपये बिजली का बिल बकाया है। जिसमें शिक्षा विभाग पर 8 करोड़ 90 लाख, समाज कल्याण पर 26 लाख, वन विभाग पर 7 लाख 29 हजार, पुलिस विभाग पर 12 लाख, परिवहन विभाग पर 1 लाख 34 हजार, सिंचाई विभाग पर 1 लाख 21 हजार समेत तमाम विभागों पर बिजली का बिल बकाया है। इस दौरान डीएम ने टेलीफोन एक्सचेंज प्रतापगढ़, रानीगंज व कुंडा का कुल 90 लाख का बिजली बिल बकाया होने पर विभाग को आरसी जारी करने का आदेश दिया। इस दौरान सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम पुनीत शुक्ल समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।