श्री दिगंबर जैन मंदिर कटरा मेंदनीगंज में जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव का निर्वाण उत्सव बड़े ही धूमधाम से रविवार को मनाया गया। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में जैनी श्रद्धालु मंदिर में उमड़े और निर्वाण लाडू को ऋषभदेव के चरणों में चढ़ाया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान के वंदनवार से हुआ। तत्पश्चात पंचामृत अभिषेक मंगलमंत्रों एवं वाद्ययंत्रों के बीच संपन्न हुआ। विश्वशांति की कामना के साथ उनके चरणों पर शांतिधारा अभिषेक किया गया। इसके पश्चात निर्वाण पूजन विधि-विधान से आरंभ हुआ। भक्तों ने भगवान को नैवेद्य समर्पित किया।
वर्धमान सेवा समिति के अध्यक्ष ध्रुव कुमार जैन ने बताया कि जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर और संस्थापक भगवान ऋषभदेव है, परंतु जैनेतर समाज में जैन धर्म की प्राचीनता को मात्र 2600 वर्ष ही आंका जा रहा है, जो गलत है। क्योंकि महावीर तो चौबीसवें तीर्थकर है और शायद इसी कारण जैनेतर समाज की भ्रामकता को दूर करने के लिए महासभा का इस ओर प्रयास आरंभ हुआ है। महामंत्री मेवालाल जैन ने बताया कि अब से लाखों-करोड़ों वर्ष पूर्व माघ कृष्णा चतुदर्शी को आज ही की तिथि पर भगवान ऋषभदेव ने नश्वर शरीर को त्यागा था। कार्यक्रम में नन्हें लाल जैन, सुनील कुमार, वीर कुमार, जगदीश, अरिहंत जैन, विवेक, संदीप जैन, राजीव जैन और अजीत कुमार आदि रहे।