बाबागंज स्थित होटल गोयल रेजीडेंसी में अग्निकांड के शिकार बिजली विभाग के कैशियर बृजेश का मोबाइल तहसील और कोतवाली के बीच से गायब हो गया है। परिजन मोबाइल की खोजबीन कर रहे हैं, लेकिन उसका सुराग नहीं लग सका। गोयल रेजीडेंसी में 19 जून को भोर में लगी आग में दस लोगों की मौत हो गई और दर्जन भर से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस हादसे के शिकार लोगों में पट्टी कोतवाली के नारंगपट्टी निवासी बृजेश भी था। वह बिजली विभाग में कैशियर के पद पर तैनात था। घटना के बाद उसका शव अस्पताल पहुंचा दिया गया। जबकि उसके कमरे में मिले सामान का पता नहीं लग सका। उसका मोबाइल पहले जेल चौकी प्रभारी दिनेश शुक्ला के पास था। बाद में तहसील प्रशासन के हवाले कर दिया गया।
तीन दिन बाद बृजेश का साला मोबाइल और दूसरे सामानों की खोजबीन करने पहुंचा तो पता चला कि केवल मोबाइल ही मिला है। वह तहसील प्रशासन के पास है। परिजनों ने तहसील में संपर्क किया तो बताया गया कि मोबाइल कोतवाली पुलिस के पास है। वहां से बताया गया कि तीन मोबाइल तहसील प्रशासन ने 20 जून को वापस किया था। जिसे मृतकों के परिजनों व घायल लोगों को दे दिया गया है। मगर अभी बृजेश के परिजन मोबाइल के लिए तहसील और कोतवाली के चक्कर काट रहे हैं। घटना वाले दिन उसी नंबर पर लोगों से बातचीत होती रही। शाम को मोबाइल बंद हो गया। तब से बंद ही चल रहा है। इस बाबत कोतवाल अनिल कुमार का कहना है कि तीन मोबाइल तहसील से मिले थे। जिसे लोगों को सौंप दिया गया है। तहसीलदार चंद्रेश सिंह का कहना है कि कुल 11 मोबाइल मिले थे। इसमें से आठ मोबाइल उसी दिन प्रभारी बनाए गए एसडीएम रानीगंज से पीड़ित परिवार के लोग ले गए। संभावना है कि गलत तरीके से कोई मृतक बृजेश का मोबाइल ले गया हो। वैसे मोबाइल ले जाने वालों की रिसीविंग कराई गई है। वह मामले को दिखवाएंगे।