थानों में पुलिसकर्मियों व थानेदारों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी है। जिससे थानेदार से लेकर मुंशी व सिपाही तक पर पुलिस अधीक्षक की नजर रहेगी। कप्तान तीसरी आंख के जरिए आए दिन थानों से आने वाली घूस की शिकायतों और पीड़ितों के साथ पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर नजर रखेंगे। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
जनपद के 19 थानों में जल्द ही पुलिस विभाग की तकनीकी शाखा सीसीटीवी कैमरा लगाएगी। थानों व कोतवाली में ऐसे स्थान पर एक कैमरा लगेगा जहां से लोग भीतर प्रवेश करते हों और वह परिसर का काफी एरिया कवर करता हो। समस्या लेकर जाने वालों के साथ ही पुलिसकर्मियों के आने-जाने पर भी नजर रखी जा सकेगी। इसके अलावा एक कैमरा उस स्थान पर लगेगा जहां मुंशी, दीवान बैठते हैं। मुकदमा लिखाने व दूसरे काम-काज से जाने वाले फरियादियों के साथ पुलिसकर्मी कैसा व्यवहार करते हैं। वह भी कैमरे में कैद होता रहेगा।
अफसरों का मानना है कि इन दो स्थानोें से थानेदार यह बहानेबाजी नहीं कर सकेंगे कि पीड़ित व्यक्ति थाने पर नहीं आया था। मुंशी व सिपाही उनके साथ कैसा व्यवहार करते हैं और उसकी समस्या का निराकरण कराते हैं कि नहीं। इसका भी पता चल सकेगा। खास बात यह है कि सीसीटीवी कैमरा लगने के बाद सभी थानोें को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बनने वाले कंट्रोल रूम से जोड़ा जा सकेगा। ताकि एक क्लिक करते ही पुलिस अधीक्षक थानों में होने वाली गतिविधियों से रूबरू हो सकेंगे। इसके लिए जल्द ही अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी, पश्चिमी, सीओ सिटी के साथ ही दूसरे अधिकारियों की बैठक होगी। जिसमे सीसीटीवी कैमरा लगाने की योजना को अमली जामा पहनाया जा सकेगा।