तहसील दिवस में सीएचसी अधीक्षक पर धनउगाही का आरोप लगाकर शिकायत की गई। जिसे तहसील प्रशासन ने बगैर देखे सीएचसी अधीक्षक को ही उसकी जांच के लिए सुपर्द कर दिया है। इससे शिकायतकर्ता हैरान है। उसका कहना है कि आखिर उसे न्याय कैसे मिलेगा।
रायपुर गांव की शिवकुमारी पत्नी रामनिहोर का आरोप है कि वह अपनी बहू के प्रसव के लिए सीएचसी पर 17 जनवरी 2016 को आई थी। प्रसव के दौरान सीजर करने को लेकर सीएचसी अधीक्षक डा. महेन्द्र कुमार द्वारा उससे पंद्रह हजार की मांग की गई। उसके द्वारा पैसे देने में असमर्थता जाहिर करने पर उसे सीएचसी में एडमिट करने सें इंकार करते हुए डांटकर भगा दिया गया। बाद में उसकी बहू उसे एक नर्सिंगहोम ले गई, जहां बच्चा सामान्य प्रसव से पैदा हुआ।
पीड़िता ने इस बाबत तहसील दिवस में सीएचसी अधीक्षक के विरुद्ध प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई, लेकिन तहसील प्रशासन ने आंख मूंदकर इस शिकायत की जांच सीएचसी अधीक्षक को ही सौंपकर रिपोर्ट मांगी है। इस बाबत एसडीएम पट्टी कपिलदेव यादव से बात की गई तो उन्हाेंने कहा कि तहसील दिवस पर शिकायतों की अधिकता होने के कारण बगैर गौर किए जांच उन्हें सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर उसे निरस्त करते हुए मामले की दोबारा जांच सीएमओ स्तर के अधिकारी से कराते हुए पीड़िता को न्याय दिलाया जाएगा।