पट्टी में दीवानी न्यायालय खुलने की कार्रवाई शुरू हो गई है। जमीन उपलब्ध कराने व भवन निर्माण के लिए व्यवस्था करने की कवायद को लेकर तहसीलदार दिन भर परेशान रहे। इस दौरान तहसील कार्यालय में बने भवनों का निरीक्षण किया कि किस भवन में इसे तत्काल स्थापित किया जा सकता है।
शासन ने 92 जिलों में दीवानी न्यायालय तहसीलों में स्थापित करने को स्वीकृत प्रदान कर दी है। इसके लिए बाकायदा सारी तैयारी पूरी की जा चुकी है। इस लिस्ट में जनपद की पट्टी तहसील भी शामिल है। इस बाबत तहसील प्रशासन को रिपोर्ट दी जानी थी। शासन इस बाबत कई बार रिपोर्ट मांग चुका था।
अचानक इस मामले का रिमाइंडर पहुंचने पर तहसील प्रशासन में खलबली मच गई। इस दौरान अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष समेत तहसील परिसर में बने भवनों का तहसीलदार पट्टी महेन्द्र कुमार द्वारा निरीक्षण किया जाता रहा कि रिपोर्ट के बाद तत्काल किस भवन में दीवानी न्यायालय की स्थापना की जा सकेगी। तहसील के पूर्ति कार्यालय में ही व्यवस्था बनाने की सहमति बन पाई। बगल में खाली पड़ी पुरानी कैंटीन को कार्यालय का रूप देने के निर्णय को अंतिम रूप दिया गया। इस मामले की रिपोर्ट तैयार करने में प्रशासन जुटा हुआ है।